आरटीई : दूसरे चरण के लिए मिलेंगे 15 दिन, अभिभावक असमंजस में

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आरटीई : दूसरे चरण के लिए मिलेंगे 15 दिन, अभिभावक असमंजस में: ताजा अपडेट

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आरटीई: मुख्य समाचार और अपडेट

आरटीई: तहसील के अलावा आय जाति निवास बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं। इस योजना में यह तीनों मुख्य दस्तावेज होते हैं। दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है। विभाग का दावा है कि इस बार भी एक हजार से ऊपर आवेदन प्राप्त होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने और लाॅटरी निकलने के बीच में महज दो दिनों का समय मिलेगा।इसी समय में बीईओ से लेकर बीएसए तक सत्यापन का कार्य करना होगा। शहर के मोहल्ला शिवकॉलोनी निवासी अजय कुमार का कहना था कि आय, जाति निवासी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दो दिन पहले ही आवेदन किया था। जनसेवा केंद्र संचालक ने इसमें दस दिनों तक का समय लगने की बात कह रहा है। ऐसे में यह चिंता सता रही है कि कहीं समय पर दस्तावेज न मिलें तो प्रवेश में दिक्कत हो सकती है। फिलहाल पूरा प्रयास किया जा रहा है।मुख्य दस्तावेज बनवाने को लेकर लगातार आ रहे आवेदन में तहसील के अधिकारियों की आख्या लगती है। हालांकि सभी कुछ डिजिटल होता है लेकिन इसके बाद भी एक एक रिपोर्ट लगाने में चार से पांच दिनों का समय लग रहा है। कुछ अभिभावकों ने पहले ही सभी दस्तावेज पूरे करवा लिए है जिन्हें आवेदन करने में आसानी हो रही है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि अहम दस्तावेजों में जरा सी चूक से आवेदन निरस्त हो सकता है ऐसे में आवेदन करते समय सावधानी बहुत जरूरी है।लत तरीके से आवदेन निरस्त करने का आरोप, डीएम से शिकायतलखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला शिव काॅलोनी की शालिनी देवी ने शनिवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को संबोधित शिकायत की। बताया कि उनके दो जुड़वा बच्चे है। आरटीई के तहत दोनों बच्चों का अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन किया था। दोनों बच्चों के नाम अलग-अलग हैं। पंजीकरण संख्या अलग है, आवेदन अलग-अलग भरे गए हैं और जरूरी दस्तावेज भी अलग-अलग लगाए गए हैं, बावजूद इसके एक आवेदन को पहले से सत्यापित किया जाने दर्शाकर निरस्त कर दिया गया है। जबकि दोनों बच्चों का विवरण सही से दर्ज किया गया था। विभाग की लापरवाही से उनका आवेदन निरस्त किया गया है। मांग कि मामले की जांच कराते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश करें कि आवेदनों की अलग-अलग जांच कर आरटीई के तहत प्रवेश कराया जाए। संवाद

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