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Meta Description: ईरान News: ईरान पर कब रुकेंगे हमले: क्या है इस्राइल का आखिरी लक्ष्य? भारत में नेतन्याहू के राजदूत ने खोले बड़े राज; जानिए – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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ईरान: मुख्य समाचार और अपडेट
ईरान: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार का बड़ा बयान सामने आया है।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अजार ने एक साथ पाकिस्तान की तरफ से अमेरिका और इस्राइल की ईरान के खिलाफ युद्ध में मध्यस्थता को लेकर किए जा रहे दावे, इस संघर्ष में आगे डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका और इस्राइल का मुख्य लक्ष्य इन सभी मुद्दों पर खुलकर इस्राइल का रुख साफ किया।इस सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल जैसा हालात है, उसी के अनुसार काम किया जा रहा है। यानी बातचीत के साथ-साथ स्थिति को देखते हुए कार्रवाई भी जारी है। इसके साथ ही ईरान के साथ बातचीत वाले सवाल पर अजार ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ईरान सच में बातचीत के लिए गंभीर है या नहीं। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि लंबे समय से बनाए गए दबाव के कारण ईरान अब बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। अगर बातचीत सफल नहीं हुई, तो कम से कम उसकी सैन्य ताकत कमजोर होगी।इस सवाल के जवाब में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक बयान का जिक्र करते हुए अजार ने कहा कि हमले इसलिए जारी हैं क्योंकि अभी भी ईरान के कई सैन्य लक्ष्य बाकी हैं। उन्होंने कहा कि खासकर हिजबुल्ला लगातार इस्राइल पर मिसाइल और रॉकेट हमले कर रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। इसी वजह से इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगा।इसके साथ ही अजार ने साफ कहा कि इस्राइल का मकसद ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना, मिसाइल प्रोग्राम को रोकना और प्रॉक्सी समूहों के समर्थन को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि इस्राइल अब तक ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर चुका है और यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक या तो अमेरिका और ईरान के बीच ऐसा समझौता न हो जाए जो इस्राइल के हित सुरक्षित करे या फिर सभी सैन्य लक्ष्य पूरे न हो जाएं।पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली खबरों को लेकर अजार ने कहा कि जब तक हमारी शर्तें और मांगे पूरी होती रहेंगी, अमेरिका को यह फैसला करना होगा कि वह कहां और कैसे बातचीत करना चाहता है। अजार ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि इस्राइल के लिए सबसे अहम अपने हित हैं, और जब तक उसके हित पूरे हो रहे हैं, उसे इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि बातचीत कौन करवा रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के फैसले को अजार ने अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि दबाव के कारण ईरान अब बातचीत का रास्ता खोज रहा है। अजार ने कहा कि अमेरिका पहले ही साफ कर चुका है कि ईरान का समृद्ध यूरेनियम हटाया जाएगा, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर रोक लगेगी और प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार ईरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शर्तें मान सकता है।
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