कैसे हुआ था पुलवामा का आतंकी हमला: कब-किसने दिया अंजाम, पाकिस्तान की क्या थी भूमिका; भारत ने कैसे दिया जवाब?

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पुलवामा में हमले को आतंकियों ने कब-कैसे अंजाम दिया?

कैसे: घटना का पूरा विवरण

पुलवामा आतंकी हमला 14 फरवरी को हुआ था जब 78 वाहनों का काफिला 2500 जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। ये काफिला अवंतीपोरा के पास लेथीपोरा में नेशनल हाइवे 44 से गुजर रहा था। दोपहर करीब 3.30 बजे 350 किलो विस्फोट से भरी एक एसयूवी काफिले में घुसी और भयंकर धमाका हुआ। जिस बस से एसयूवी टकराई उसके परखच्चे उड़ गए। निशाना बनी थी 76वें बटालियन की बस। चारों तरफ शवों का ढेर और खून। धमाका इतना भयंकर था कि कुछ देर के लिए सन्नाटा पैदा हो गया। जब तक बाकी जवान होश संभालते वहां का मंजर खौफनाक हो चला था। 40 जवान शहीद हो चुके थे। विज्ञापन विज्ञापन

ये भी पढ़ें: पुलवामा हमले के 7 साल: आतंक के बदलते चेहरे की चुनौती, बदली सुरक्षा व्यवस्था से नकेल; अब संयुक्त रणनीति पर काम पुलवामा आतंकी हमला 14 फरवरी को हुआ था जब 78 वाहनों का काफिला 2500 जवानों को लेकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। ये काफिला अवंतीपोरा के पास लेथीपोरा में नेशनल हाइवे 44 से गुजर रहा था। दोपहर करीब 3.30 बजे 350 किलो विस्फोट से भरी एक एसयूवी काफिले में घुसी और भयंकर धमाका हुआ। जिस बस से एसयूवी टकराई उसके परखच्चे उड़ गए। निशाना बनी थी 76वें बटालियन की बस। चारों तरफ शवों का ढेर और खून। धमाका इतना भयंकर था कि कुछ देर के लिए सन्नाटा पैदा हो गया। जब तक बाकी जवान होश संभालते वहां का मंजर खौफनाक हो चला था। 40 जवान शहीद हो चुके थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम दौरे पर पहुंचे। राज्य में चुनाव की आहट के बीच उन्होंने कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने न सिर्फ विपक्ष को निशाना बनाया, बल्कि बीते वर्षों की कुछ घटनाएं भी याद दिलाईं। पीएम ने कांग्रेस को उसके शासनकाल में हुई आतंकी घटनाओं के लिए भी घेरा। साथ ही उन्होंने 2019 में आज ही के दिन (14 फरवरी) हुए पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद सरकार की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया। पीएम ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को नमन किया और कहा कि इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, उसे पूरी दुनिया ने देखा। इसके बाद पीएम ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भी लोगों ने भारत की ताकत देखी।

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इस हमले को अंजाम दिया था 20 साल के आदिल अहमद डार ने। उसके माता-पिता ने बाद में बताया था कि आदिल को 12वीं की परीक्षा देनी थी लेकिन वह ऐन वक्त पर गायब हो गया था। शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया कि हमले में आईईडी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। बाद में साफ हो गया कि आदिल ने किस तरह एसयूवी को काफिले की बस से टकरा दिया था।

कैसे: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

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इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली और आदिल डार का वीडियो भी जारी किया। पता चला कि आदिल काकापोरा का रहने वाला था और एक साल पहले ही जैश में शामिल हुआ था।

इस हमले को अंजाम दिया था 20 साल के आदिल अहमद डार ने। उसके माता-पिता ने बाद में बताया था कि आदिल को 12वीं की परीक्षा देनी थी लेकिन वह ऐन वक्त पर गायब हो गया था। शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया कि हमले में आईईडी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था। बाद में साफ हो गया कि आदिल ने किस तरह एसयूवी को काफिले की बस से टकरा दिया था।इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली और आदिल डार का वीडियो भी जारी किया। पता चला कि आदिल काकापोरा का रहने वाला था और एक साल पहले ही जैश में शामिल हुआ था।

इस हमले में पाकिस्तान की क्या भूमिका सामने आई?

हमेशा की तरह पाकिस्तान ने इस हमले में हाथ होने से इनकार किया। भारत ने उसे सख्त चेतावनी दी, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान को चेताया कि वह अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करे। अमेरिका-फ्रांस सहित दुनिया के अधिकतर देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। रूस के राष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को शोक संदेश भेजा। हालांकि चीन ने घटना की निंदा जरूर की लेकिन जैश सरगना मसूद अजहर पर अपना रवैया नहीं बदला।

भारत में इस हमले को लेकर आक्रोश था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने इस बार गंभीर गलती की है। उन्होंने कहा की जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है। इसी के साथ सीसीएस की बैठक में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एलान किया कि पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लिया जाता है।

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