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Meta Description: गैस की News: गैस की खातिर रातों की नींद कुर्बान: 200 लोगों की कतार में आए महज 70 सिलिंडर तो हुआ हंगामा – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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गैस की: मुख्य समाचार और अपडेट
गैस की: लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार स्थित नाउवा खेड़ा गांव में रसोई गैस के लिए मची त्राहि-त्राहि अब सड़कों पर हंगामे और पुलिसिया दखल तक पहुंच गई है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपभोक्ता रात 12 बजे से ही खाली सिलिंडर लेकर कतारों में डट रहे हैं। रात भर एक मैदान में चटाई बिछाकर और मच्छरदानी लगाकर पहरेदारी करने के बावजूद कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
इन उपभोक्ताओं को बाबा विश्वनाथ गैस एजेंसी (60 फीट रोड) से सिलिंडर की आपूर्ति होती है, मगर मंगलवार को इनका धैर्य उस समय जवाब दे गया, जब 10 घंटे लाइन में लगने के बाद भी एजेंसी की गाड़ी सुबह करीब 10 बजे केवल 70 सिलिंडर लेकर पहुंची, जबकि कतार में 200 से अधिक लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।आक्रोशित लोगों ने गाड़ी को यह कहकर लौटा दिया कि सिलिंडर बंटेगा तो सबको मिलेगा, वरना किसी को नहीं। मौके पर बढ़ते तनाव को देख सुबह करीब 10:35 बजे पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में कतार में आगे खड़े लोगों को सिलिंडर बांटा गया। बाकी लोग अगले दिन सिलिंडर मिलने की आस में फिर कतार में लग गए।दुबग्गा निवासी रामेश्वर प्रसाद तीन दिनों से लाइन में डटे थे। उन्होंने बताया कि घर से मच्छरदानी और पानी की बोतल लाते हैं और मैदान में रात भर सोते हैं। तीन दिन बाद मंगलवार को उनका 18वां नंबर आया, तब उन्हें गैस मिल सकी।- वहीं, सुल्तान ने बताया कि वह तीन दिन से रात 12 बजे आकर कतार में खड़े हो जाते हैं। इसके बावजूद आज भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।- श्रीपाल ने बताया कि रात 2 बजे से लाइन में लगे थे, लेकिन उनका नंबर 118वां था, जबकि स्टॉक केवल 70 सिलिंडरों का ही आया।जहां आम जनता गैस के लिए सड़कों पर रातें काट रही है, वहीं, इस संकट के बीच कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं। कतार में लगे लोगों ने बताया कि जगह सुरक्षित रखने और सिलिंडरों की रखवाली के लिए उन्हें अपनी जेबें भी हल्की करनी पड़ रही है। कई लोग दूसरों के सिलिंडरों की रातभर रखवाली करने के बदले 100 रुपये तक वसूल रहे हैं। मजबूरी में उपभोक्ता अपनी जगह बचाने के लिए यह रकम देने को तैयार हैं।
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