‘भरोसे के लायक नहीं पाकिस्तान’: इस्राइली दूत बोले- लेबनान में जारी रहेंगे हमले; अमेरिका को लेकर क्या कहा?

5 Min Read
'भरोसे के लायक नहीं पाकिस्तान': इस्राइली दूत बोले- लेबनान में जारी रहेंगे हमले; अमेरिका को लेकर क्या कहा?: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: ‘भरोसे

Meta Description: ‘भरोसे News: ‘भरोसे के लायक नहीं पाकिस्तान’: इस्राइली दूत बोले- लेबनान में जारी रहेंगे हमले; अमेरिका को लेकर क्या कहा? – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: ‘भरोसे-israeli-envoy-reuven-azar-says-attacks-in-lebanon-will-continue-what-did-he-say-about-us-pakistan-2026-04-09

‘भरोसे: मुख्य समाचार और अपडेट

‘भरोसे: पश्चिम एशिया में एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी हिंसा और तबाही के बीच अमेरिका और ईरान ने दो हफ्तों का युद्धविराम घोषित किया है। यह कदम न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। ऐसे में इस्राइल के रुख को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक था। इसी बीच अब भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने एक साथ कई अहम मुद्दों पर इस्राइली सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने इस युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका, लेबनान को लेकर इस्राइल की आगे की योजना और होर्मुज समेत कई अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। इसके साथ ही इस दौरान अजार ने भारत के उस रुख की सराहना की, जिसमें होर्मुज जलसंधि को बिना किसी रुकावट के खुला रखने की बात कही गई है।

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान अजार ने कहा कि इस्राइल को अपने उत्तरी सीमा की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने बताया कि इस्राइली वायुसेना ने हिजबुल्ला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 250 से ज्यादा लड़ाकों को खत्म किया गया। उन्होंने साफ कहा कि लेबनान के दक्षिणी हिस्से, खासकर लिटानी नदी के पास, हिजबुल्ला की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उसे पूरी तरह निशस्त्र करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने

लेबनान में जारी हमलों के बीच इस्राइली दूत ने कहा कि इस्राइल ने लेबनान सरकार से कहा है कि वह सिर्फ बयान न दे, बल्कि हिजबुल्ला की ताकत खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में हमले रोके जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजा, लेबनान और ईरान तीनों अलग-अलग मुद्दे हैं। गाजा में हमास को हथियार छोड़ने होंगे, जबकि लेबनान में हिजबुल्ला को हटाना जरूरी है।इस युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी अजार ने इस्राइली सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि इस्राइल पाकिस्तान विश्वसनीय खिलाड़ी नहीं मानता। हालांकि, दूसरी ओर उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका अपने कारणों से पाकिस्तान की मदद ले रहा है। अजार ने कहा कि हमने अतीत में देखा है कि कैसे अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे समस्याग्रस्त देशों को साथ लेकर, हमास के साथ समझौता करने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उनका इस्तेमाल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्राइल हमेशा अमेरिका के साथ मिलकर ही आगे बढ़ना चाहता है।अजार ने कहा कि इजराइल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि इस्राइल ने सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया और ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी कम कर दिया। अब इस्राइल सैन्य कार्रवाई के बाद कूटनीति (डिप्लोमेसी) के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे सीजफायर का समर्थन किया है। अजार ने कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि इससे स्थायी शांति का रास्ता खुलेगा।ईरान की शर्तें और भरोसे को लेकर भी इस्राइली राजदूत ने अपना रुख साफ किया। अजार ने कहा कि इस्राइल ईरान पर भरोसा नहीं करता और किसी भी हालत में उसे परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि ईरान का 10 बिंदु वाला प्रस्ताव बेकार है, जबकि अमेरिका का 15 बिंदु वाला प्लान ही सही दिशा है।उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति बल UNIFIL पर कई बार हिजबुल्ला ने हमले किए, जो अस्वीकार्य है। इस्राइल का मानना है कि UNIFIL हिजबुल्ला की गतिविधियों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रहा।अजार ने कहा कि इस्राइल का लक्ष्य दो बड़े खतरों परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल को खत्म करना है। अंत में अजार ने जोर दिया कि अब इस्राइल कूटनीति के जरिए स्थायी शांति चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version