राज्यसभा: सरकार ने कहा- दो चरणों में पूरी हुई चक्रवात जोखिम न्यूनीकरण परियोजना, तटीय राज्यों को मिला लाभ

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राज्यसभा: सरकार ने कहा- दो चरणों में पूरी हुई चक्रवात जोखिम न्यूनीकरण परियोजना, तटीय राज्यों को मिला लाभ: ताजा अपडेट

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नित्यानंद राय ने बताया कि एनसीआरएमपी का पहला चरण जनवरी 2011 में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए स्वीकृत किया गया। यह चरण दिसंबर 2018 में पूरा हुआ। दूसरा चरण जुलाई 2015 में गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के लिए मंजूर किया गया। यह चरण मार्च 2023 में पूरा हुआ। विज्ञापन विज्ञापन

राज्यसभा:: घटना का पूरा विवरण

परियोजना के मुख्य हिस्सों में ‘तूफान की पहले से चेतावनी देने वाली प्रणाली, बहुउद्देशीय तूफान आश्रय, लोगों के सुरक्षित निकलने के लिए रास्ते और पुल, खारे पानी से बचाने की दीवारें, भूमिगत तार और केबल, कई तरह के जोखिमों से निपटने के लिए तकनीकी मदद और प्रशिक्षण, और पूरी परियोजना का संचालन और प्रबंधन’ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण की लागत 2524.84 करोड़ रुपये और दूसरे चरण की 1806.84 करोड़ रुपये थी।

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई कदम उठाए। प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से क्षमता बढ़ाई गई। केंद्र स्तर पर परियोजना की निगरानी के लिए एक इकाई बनाई गई। इसी तरह, राज्यों ने भी अपने स्तर पर निगरानी और कार्यान्वयन के लिए ढांचा तैयार किया।

उन्होंने राज्यसभा में बताया कि दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ दर्ज अपराधों के मामले क्रमशः 38,861, 22,818 और 3,855 हैं। 12 मार्च 2026 तक दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल से निरीक्षक स्तर की संख्या 96,817 है और रिक्त पद 13,958 हैं। एसीपी स्तर पर स्वीकृत संख्या 346 और रिक्त पद 152 हैं। अतिरिक्त डीसीपी और उससे ऊपर के स्तर पर स्वीकृत संख्या 168 और रिक्त पद 30 हैं। कुल स्वीकृत संख्या 97,331 है और रिक्त पद 14,140 हैं।

राज्यसभा:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

दिल्ली के सभी थानों में पर्याप्त कर्मचारी, महिला हेल्प डेस्क और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। 15 पुलिस जिलों में साइबर थाने भी काम कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कानून और व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

नित्यानंद राय ने बताया कि एनसीआरएमपी का पहला चरण जनवरी 2011 में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए स्वीकृत किया गया। यह चरण दिसंबर 2018 में पूरा हुआ। दूसरा चरण जुलाई 2015 में गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के लिए मंजूर किया गया। यह चरण मार्च 2023 में पूरा हुआ।परियोजना के मुख्य हिस्सों में ‘तूफान की पहले से चेतावनी देने वाली प्रणाली, बहुउद्देशीय तूफान आश्रय, लोगों के सुरक्षित निकलने के लिए रास्ते और पुल, खारे पानी से बचाने की दीवारें, भूमिगत तार और केबल, कई तरह के जोखिमों से निपटने के लिए तकनीकी मदद और प्रशिक्षण, और पूरी परियोजना का संचालन और प्रबंधन’ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण की लागत 2524.84 करोड़ रुपये और दूसरे चरण की 1806.84 करोड़ रुपये थी।गृह राज्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कई कदम उठाए। प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से क्षमता बढ़ाई गई। केंद्र स्तर पर परियोजना की निगरानी के लिए एक इकाई बनाई गई। इसी तरह, राज्यों ने भी अपने स्तर पर निगरानी और कार्यान्वयन के लिए ढांचा तैयार किया।ये भी पढ़ें: ‘ईरान ने युद्धविराम का किया अनुरोध’: ट्रंप ने सामने रखी शर्त, कहा- होर्मुज खोलने पर ही करेंगे सीजफायर पर विचार उन्होंने राज्यसभा में बताया कि दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ दर्ज अपराधों के मामले क्रमशः 38,861, 22,818 और 3,855 हैं। 12 मार्च 2026 तक दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल से निरीक्षक स्तर की संख्या 96,817 है और रिक्त पद 13,958 हैं। एसीपी स्तर पर स्वीकृत संख्या 346 और रिक्त पद 152 हैं। अतिरिक्त डीसीपी और उससे ऊपर के स्तर पर स्वीकृत संख्या 168 और रिक्त पद 30 हैं। कुल स्वीकृत संख्या 97,331 है और रिक्त पद 14,140 हैं।दिल्ली के सभी थानों में पर्याप्त कर्मचारी, महिला हेल्प डेस्क और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। 15 पुलिस जिलों में साइबर थाने भी काम कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कानून और व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम न्यूनीकरण परियोजना (एनसीआरएमपी) को मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य तूफानों के खतरे को कम करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा बनाना था। साथ ही बुनियादी ढाचों और लोगों को आपदा का सामना करने के लिए तैयार करना था। यह परियोजना तटीय पर्यावरण के संरक्षण के साथ संतुल बनाने पर जोर देती है। परियोजना को देश के आठ तटीय राज्यों में दो चरणों में लागू किया गया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

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