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Meta Description: हद है: News: हद है: फर्श पर बैठकर नंबर आने का इंतजार करते रहे मरीज, बेड पर आराम फरमा रहीं आशा, डॉक्टर रील देखने में व्यस्त – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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वहीं, लालानगर पीएचसी में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय घोसिया से आई टीम के डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के बजाय मोबाइल देखने में व्यस्त रहे। ग्रामीण क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। यहां हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। विज्ञापन विज्ञापन
हद है:: घटना का पूरा विवरण
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इस मेले में गांव की जनता को कितनी सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी हकीकत जानने के लिए रविवार को अमर उजाला की टीम सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक लालानगर, सेमराध, दुर्गागंज, जयरामपुर, करियावां, गोपीगंज, चकटोडर आदि पीएचसी पर पहुंची थी। वहीं, लालानगर पीएचसी में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय घोसिया से आई टीम के डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के बजाय मोबाइल देखने में व्यस्त रहे। ग्रामीण क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। यहां हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है।इस मेले में गांव की जनता को कितनी सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी हकीकत जानने के लिए रविवार को अमर उजाला की टीम सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक लालानगर, सेमराध, दुर्गागंज, जयरामपुर, करियावां, गोपीगंज, चकटोडर आदि पीएचसी पर पहुंची थी। भदोही जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसकी मॉनीटरिंग खुद सीएमओ करते हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लापरवाही करते हैं। रविवार को इसकी बानगी लालानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिली। जहां मरीज फर्श पर बैठे दिखे और बेड पर आशा संगिनी आराम फरमाती दिखीं।
केस 1- लालानगर पीएचसी में 14 मार्च नहीं हो रही है जांच
हद है:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
समय दोपहर के एक बजे। लालानगर पीएचसी पर पहुंचे संवाददाता ने देखा कि मरीज फर्श पर बैठ कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। हाल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल में रील्स देखने में व्यस्त रहे। आशा संगिनी बेड पर आराम कर रहीं थीं। संवाददाता ने मरीज बनकर पूछा कि जांच कराना है तो पता चला कि 14 मार्च से यहां जांच नहीं हो रही है। मरीजों को बिना जांच के ही दवा लिख दी जाती है। जांच कराना है तो जिला अस्पताल जाओ। कारण बताया गया कि लैब में तैनात कर्मचारी का तबादला हो गया है।
केस 2- जब तक रहती है बिजली तब तक टंकी से बहता है पानी
समय सुबह 11:30 बजे। दुर्गागंज पीएचसी पर पहुंचे संवाददाता ने मरीज बनकर स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि साहब टंकी भर गई है पानी बह रहा है। इस पर बताया गया कि सबमर्सिबल पंप का स्टार्टर खराब हो गया है। जब तक लाइट रहती है तब तक पंप चलता ही रहता है। परिवार नियोजन बॉक्स खाली रहा। जयरामपुर, चकटोडरपुर केंद्र पर भी परिवार नियोजन बॉक्स खाली रहा।
लो वोल्टेज के कारण नहीं चल रही है हेल्थ एटीएम जिले के तीन पीएचसी लालानगर, गिर्दबड़ागांव और डेरवां में मरीजों की जांच के लिए हेल्थ एटीएम लगी है। लो-वोल्टेज के कारण हेल्थ एटीएम का संचालन नहीं हो रहा है। इस कारण ये शो-पीस बने हैं। इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है।
पांच दिन से है बुखार, बिना जांच के ही लिख दी दवाई
लालानगर पीएचसी पर उपचार कराने आए माधोरामपुर निवासी रामदत्त और अनीता देवी ने बताया कि पांच दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर साहब ने बिना जांच के ही दवाई दे दी है। पूछने पर कहे हैं कि दवा खाने से आराम मिल जाएगा। जांच की जरुरत नहीं है। दुर्गागंज पीएचसी के केंद्र पर आए बच्चा लाल को डिहाईड्रेशन, तारा देवी को सांस लेने में दिक्कत रही।
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