होली 2026: राधारानी के आंगन में आज रंग-गुलाल के साथ बरसेंगे लड्डू, द्वापर युग से जुड़ी है अनूठी परंपरा

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होली 2026: राधारानी के आंगन में आज रंग-गुलाल के साथ बरसेंगे लड्डू, द्वापर युग से जुड़ी है अनूठी परंपरा: ताजा अपडेट

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लड्डू होली की अनूठी परंपरा से द्वापर युग से जुड़ी है। मान्यता है कि द्वापर में बरसाना से होली खेलने का आमंत्रण लेकर सखी नंदगांव गई थीं। इस निमंत्रण को नंदबाबा ने स्वीकार किया और इसकी खबर पंडा से बरसाना में बृषभान जी के यहां भिजवाई। इस पर राधारानी के पिता बृषभान ने नंदगांव से आए पंडा को खाने के लिए लड्डू दिए। विज्ञापन विज्ञापन

होली: घटना का पूरा विवरण

लड्डू होली की अनूठी परंपरा से द्वापर युग से जुड़ी है। मान्यता है कि द्वापर में बरसाना से होली खेलने का आमंत्रण लेकर सखी नंदगांव गई थीं। इस निमंत्रण को नंदबाबा ने स्वीकार किया और इसकी खबर पंडा से बरसाना में बृषभान जी के यहां भिजवाई। इस पर राधारानी के पिता बृषभान ने नंदगांव से आए पंडा को खाने के लिए लड्डू दिए। राधारानी का गांव बरसाना में होली के रंगों में सराबोर होकर झूम रहा है। यहां होने वाली विश्व प्रसिद्ध लठामार होली में आज लड्डूओं की मिठास घुलेगी। बरसाना के श्रीजी महल से नंदगांव के नंदभवन में होली का निमंत्रण सखियों के हाथ पहुंचेगा। होली का निमंत्रण स्वीकारते ही बरसाना में लड्डू बरसेंगे। अनूठी लड्डू होली देखने मंदिर में हजारों श्रद्धालु उमड़ेंगे। इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अनूठी परंपरा के साक्षी बनेंगे।

लड्डू होली की अनूठी परंपरा से द्वापर युग से जुड़ी है। मान्यता है कि द्वापर में बरसाना से होली खेलने का आमंत्रण लेकर सखी नंदगांव गई थीं। इस निमंत्रण को नंदबाबा ने स्वीकार किया और इसकी खबर पंडा से बरसाना में बृषभान जी के यहां भिजवाई। इस पर राधारानी के पिता बृषभान ने नंदगांव से आए पंडा को खाने के लिए लड्डू दिए।

बरसाना की गोपियों ने पंडा के गालों पर गुलाल लगा दिया। उनके पास गुलाल नहीं था तो वो खाने के लिए दिए गए लड्डुओं को ही गोपियों के ऊपर फेंकने लगा। तभी से यह लीला लड्डू होली की परंपरा आज तक चली आ रही है।

बरसाना-नंदगाव की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली का निमंत्रण लेकर राधाजी की सखियां बरसाना के श्रीजी मंदिर से पैदल चल कर नंदभवन पहुंचीं। निमंत्रण के बाद नंदभवन में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दूसरी ओर, राधा के गांव बरसाना में भी लड्डू होली का आयोजन मंदिर परिसर में किया जाएगा। बूंदी के लड्डू, श्रद्धालुओं पर बरसाए जाएंगे।

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