SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: Supreme
Meta Description: Supreme News: Supreme Court: बाबुलनाथ मंदिर विवाद पर ‘सुप्रीम’ फैसला, साधु को खाली करना होगा कब्जा; पर मिली चार साल की मोहलत – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: supreme-court-gives-monk-four-years-to-evict-part-of-centuries-old-babulnath-temple-of-mumbai-2026-02-15
Supreme: मुख्य समाचार और अपडेट
Supreme: यह विवाद मंदिर की मुख्य सीढ़ियों के लैंडिंग एरिया के एक छोटे हिस्से को लेकर था, जहां साधु पक्ष लंबे समय से रह रहा था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने तथ्यों और कानून के आधार पर सही फैसला दिया था, इसलिए उसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। साधु जगन्नाथ गिरी ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आमतौर पर इतनी लंबी मोहलत नहीं दी जाती, लेकिन इस मामले में साधु की उम्र 75 साल है और वह धार्मिक व आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं। इस कारण उन्हें वैकल्पिक ठिकाना खोजने के लिए चार साल का समय दिया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक वह वहां रहें, शांति बनाए रखें और मंदिर के विकास कार्य में कोई रुकावट न डालें। साथ ही मंदिर ट्रस्ट को निर्देश दिया गया कि उस जगह पर कोई तीसरा व्यक्ति कब्जा न करे और साधु को परेशान न किया जाए।रिकॉर्ड के अनुसार यह हिस्सा 1927 में बाबा रामगिरि महाराज को दिया गया था। उनके निधन के बाद उनके शिष्य बाबा ब्रह्मानंदजी महाराज वहां रहने लगे। 1996 में मंदिर ट्रस्ट ने बेदखली के लिए मुंबई की स्मॉल कॉज कोर्ट में केस किया और कोर्ट ने ट्रस्ट के पक्ष में फैसला दिया। 2001 में अपील भी खारिज हो गई। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां नवंबर 2025 में याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई, जिसे अब अंतिम रूप से खारिज करते हुए चार साल में जगह खाली करने का आदेश दिया गया है।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

