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Meta Description: Kanpur: News: Kanpur: क्रांति की धरती पर शिवोहम से माहौल शिवमय, पद्मश्री कैलाश खेर के गीतों ने बढ़ाई आध्यात्मिकता – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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शनिवार शाम से छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के मैदान में अमर उजाला जीवांजलि शिवोहम का मंच सजा। मंच की स्क्रीन पर शिव का वर्चुअल अवतार के साथ लेजर लाइट ने अठखेलियां शुरू कीं। कैलासा डीजे की तेज धुनों से लोगों में थिरकन आ गई। भक्तिमय माहौल हो गया। विवि का मैदान खचाखच भर गया। बच्चे-बड़े, बूढ़े और महिलाएं मंत्र मुग्ध से मंच पर निगाहें गड़ाए रहे। विज्ञापन विज्ञापन शिवोहम के मंच पर थिरकती रंग-बिरंगी रोशनी, अटखेलियां करता धुएं का गुबार और हर-हर महादेव की ध्वनि से माहौल शिवमय हो गया। जब शिव वंदना के स्वर गूंजते तो लोग दीवानगी में नाच उठते। पद्मश्री कैलाश खेर ने जोगी तेरा रंग रंगीला गीत छेड़ा तो जैसे श्रोता सुधबुध खो बैठे। भगवान शिव का वर्चुअल अवतार देख भक्त गदगद हो गए और भक्ति का जुनून सिर चढ़ बोलने लगा। भजन और गीतों का सिलसिला चलता रहा। जब एक गीत खत्म होता तो तंद्रा भंग होती और फिर स्वर लहरी कहीं बहा ले जाती।
पदमश्री कैलाश खेर ने आते ही यारा जोगी-जय यारा गीत छेड़ा। लय-ताल के साथ लेजर लाइट भी नृत्य करती। दूर आसमान तक लेजर चली जाती और अठखेलियां कर अचानक गुम होती। देखते -देखते आध्यत्मिकता लोगों के दिलो-दिमाग पर छा गई। दो गीत सुनाने के बाद पदमश्री खेर बोले-कानपुर आपको प्रणाम। श्रोताओं में शोर बरपा हुआ। यह भोलेनाथ का उत्सव है। कानपुर संतों, क्रांतिकारियों की धरती है। कानपुर में बिठूर है और मां गंगा है।
हम अपनी आध्यात्मिक जड़ों की तरफ चले हैं। संक्षिप्त संबोधन के बाद फिर खेर गाने लगे, तौबा, तौबा, तौबा रे तेरी सूरत-माशाल्लाह रे कानपुर तेरी सूरत। गीत खत्म करके खेर रुके और बोले कि अब सिंगो। अच्छा रिकार्ड हुआ तो इंस्टाग्राम पर डालेंगे। इस पर युवा जोश में आ गए। नया गीते छेड़ा-कैसे बताएं कि तुझको चाहें, यार बता न पाएं। खेर ने अमीर खुसरो को भी याद किया। कहा कि वह यूपी के रहने वाले थे। फिर खुसरो का गीत पिया के रंग रंग दीनी ओढ़नी सुनाकर सूफी रंग की पर्त माहौल पर चढ़ा दी।
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