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UP: एक ही कार में खींच लाई मौत, परिचित थे सभी; गाड़ी में पांच सवारियों की थी अनुमति, सवार थे 16 लोग

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UP: एक ही कार में खींच लाई मौत, परिचित थे सभी; गाड़ी में पांच सवारियों की थी अनुमति, सवार थे 16 लोग: ताजा अपडेट

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UP: एक: मुख्य समाचार और अपडेट

UP: एक: 1 of 12 हादसे में क्षतिग्रस्त बस – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

होली पर घर लौटने की योजना पहले से बनाई गई थी। तय हुआ था कि वीरेंद्र की ईको कार से ही सभी धौलपुर जाएंगे। उसी के अनुसार सोमवार देर रात वीरेंद्र दिल्ली से गाड़ी लेकर निकला।

UP: एक: घटना का पूरा विवरण

हाथरस में हादसे का शिकार हुई ईको कार में सवार सभी लोग एक-दूसरे के परिचित थे। धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र से ताल्लुक और हलवाई के पेशे ने उन्हें आपस में जोड़ रखा था। दिल्ली-एनसीआर में काम करने के दौरान सभी संपर्क में रहते थे।

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2 of 12 हाथरस में हादसे के बाद मौके पर पुलिस – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

UP: एक: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

अतिरिक्त कमाई के लिए चलाता था ईको वैन

वीरेंद्र परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। वह हलवाई का काम करता है और अतिरिक्त आय के लिए ईको वैन भी चलाता है। मृतक दिनेश, लोकेश और विजय से उसकी पुरानी पहचान थी। वीरेंद्र, दिनेश और लोकेश राजाखेड़ा (धौलपुर) के रहने वाले थे। वहीं विजय भी हलवाई का काम करता था और उसकी ससुराल राजाखेड़ा क्षेत्र में ही है।

3 of 12 हादसे में क्षतिग्रस्त बस – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ससुराल के माध्यम से ही विजय इन लोगों के संपर्क में आया था। हरियाणा से दिल्ली आकर उसने भी हलवाई की दुकान शुरू की थी। नाथू देवी के बेटे भी इसी पेशे से जुड़े थे और वे भी वीरेंद्र के संपर्क में थे। त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी और सीमित संसाधनों के चलते सभी एक ही कार में सवार हो गए। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर इतना भयावह साबित होगा।

4 of 12 हाथरस में हादसे के बाद एंबुलेंस से घायलों को लेकर जाते कर्मचारी – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह हुए भीषण हादसे ने दिल्ली, नोएडा और जिला पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना का शिकार हुई ईको कार पांच सवारियों के लिए अधिकृत थी, लेकिन हादसे के वक्त उसमें बच्चों सहित 16 लोग सवार थे।

5 of 12 छह की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर रोते परिजन – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हैरानी की बात यह है कि यह कार राजधानी दिल्ली के नांगलोई से चली और नोएडा होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुई। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले दर्जनों सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा और पुलिस पिकेट्स को पार करने के बावजूद किसी ने यह सुध नहीं ली कि एक छोटी कार में क्षमता से तीन गुना ज्यादा लोग कैसे सफर कर रहे हैं।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


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