...

UP: कोई बना गरीबों का मसीहा, तो किसी ने नहीं खोले तिजोरी के ताले; सांसद डिंपल और हेमा ने जानें कितना किया खर्च

josephben1999gd@gmail.com
5 Min Read
UP: कोई बना गरीबों का मसीहा, तो किसी ने नहीं खोले तिजोरी के ताले; सांसद डिंपल और हेमा ने जानें कितना किया खर्च: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: UP: कोई

Meta Description: UP: कोई News: UP: कोई बना गरीबों का मसीहा, तो किसी ने नहीं खोले तिजोरी के ताले; सांसद डिंपल और हेमा ने जानें कितना किया खर्च – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: up: कोई-mp-dimple-yadav-and-hema-malini-under-fire-minimal-spending-in-public-fund-report-2026-04-08

UP: कोई: मुख्य समाचार और अपडेट

UP: कोई: 1 of 9 सांसद डिंपल और हेमा – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कैंसर, हृदय रोग और किडनी जैसी जानलेवा बीमारियों के रोगियों के इलाज, सड़क दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के शिकार हुए निर्धन परिवारों की मदद आदि के लिए सांसद, विधायक, एमएलसी आदि के पास विवेकाधीन कोष होता है। शासन ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक इस कोष से किस माननीय ने कितनी धनराशि खर्च की है, इसकी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में फिरोजाबाद सदर विधायक मनीष असीजा का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने 3.08 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कराकर 188 लाभार्थियों की मदद की। यह आगरा मंडल के सभी जिलों में सबसे अधिक है। वहीं, आगरा के बड़े मंत्रियों और मथुरा के जनप्रतिनिधियों का ग्राफ अपेक्षाकृत नीचे रहा। मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव भी इस मामले में पीछे रहीं। उन्होंने अपने कोष से सिर्फ 11 लाख रुपये ही खर्च किए।

UP: कोई: घटना का पूरा विवरण

राजनीति में जनसेवा शब्द का असली अर्थ भाषणों में नहीं, बल्कि उन फाइलों में छिपा होता है जो किसी गरीब की जिंदगी बचाने के लिए आगे बढ़ाई जाती हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के विवेकाधीन कोष की ताजा रिपोर्ट ने ब्रज और अलीगढ़ मंडल के माननीयों के दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट गवाह है कि जहां फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा जैसे नेताओं ने अपने कोष को गरीबों की संजीवनी बना दिया, वहीं क्षेत्र के कई ऐसे दिग्गज भी हैं जिनके पास जनता के दुख-दर्द के लिए फुर्सत तक नहीं रही और उनका राहत कोष शून्य पर ही सिसकता रह गया।

Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

- Advertisement -

2 of 9 मंत्री धर्मपाल सिंह – फोटो : अमर उजाला

UP: कोई: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

कैबिनेट मंत्री डॉ. धर्मपाल सिंह (एत्मादपुर) 59.34 लाख रुपये के साथ जिले में सबसे आगे रहे। पुरुषोत्तम खण्डेलवाल ने 26.89 लाख, डॉ. जीएस धर्मेश ने 22.50 लाख, योगेंद्र उपाध्याय ने 20.40 लाख, रानी पक्षालिका सिंह ने 20.37 लाख, बेबी रानी मौर्य ने 19.61 लाख, छोटे लाल वर्मा ने 14 लाख और बाबूलाल ने 8.82 लाख रुपये की मदद पहुंचाई। विजय शिवहरे और भगवान सिंह कुशवाहा ने 2-2 लाख रुपये स्वीकृत कराए। हालांकि, आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, मंत्री धर्मवीर प्रजापति और एमएलसी आकाश अग्रवाल का कोष शून्य रहा।

सदर विधायक मनीष असीजा ने 3.08 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे मंडल में सेवा का कीर्तिमान स्थापित किया। सपा विधायक सर्वेश सिंह ने 68 लाख और सचिन यादव ने 35.15 लाख रुपये की मदद की। विधायक प्रेम पाल सिंह धनगर ने 7.95 लाख और डॉ. मुकेश चंद्र वर्मा ने 4 लाख रुपये स्वीकृत कराए। इनके उलट, सांसद अक्षय यादव के कोष से मात्र 50 हजार रुपये की ही स्वीकृति मिल सकी।

4 of 9 कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण। संवाद

कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण ने 18.25 लाख रुपये स्वीकृत कराए। विधायक मेघश्याम ने 13.50 लाख, पूरन प्रकाश ने 13.49 लाख और श्रीकांत शर्मा ने 10.75 लाख रुपये की सहायता दी। राजेश सिंह ने 6.15 लाख, एमएलसी योगेश चौधरी ने 2.75 लाख और सांसद तेजवीर सिंह ने 2.50 लाख रुपये की मदद की। सांसद हेमा मालिनी के कोष से मात्र 50 हजार रुपये की सहायता ही दी जा सकी, जबकि एमएलसी ओमप्रकाश का कोष शून्य रहा।

5 of 9 कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह। संवाद

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.