SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: Jalaun:
Meta Description: Jalaun: News: Jalaun: 12वीं के छात्र की हत्या कर शव बोरी में भरकर दफनाया, किशोर की मां को किए मैसेज से शिकंजे में फंसे दोनों – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: jalaun:-jalaun-class-12-student-murdered-body-stuffed-in-a-sack-and-buried-2026-04-08
Jalaun:: मुख्य समाचार और अपडेट
Jalaun:: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – प्रदीप कुमार वर्मा, एएसपी
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के रुद्रपुरा निवासी परमलाल सिंह खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनका बड़ा पुत्र कमल प्रताप सिंह (17) इंटर का छात्र था। उसने इसी साल इंटर की परीक्षा दी थी। 25 मार्च को गांव के ही दोस्त रोहित याज्ञिक व तेज प्रताप से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। देर रात तक जब नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला। 26 मार्च को गीता देवी के मोबाइल पर बेटे कमल के मोबाइल नंबर से मैसेज आया कि 30 लाख रुपये दे दो वरना कमल को खत्म कर देंगे। इस पर परिजन घबरा गए और पुलिस को तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी दर्जकर पल्ला झाड़ दिया, जबकि पिता ने दो लोगों पर संदेह भी जताया था।कोतवाली पुलिस की कार्यशैली से नाराज कमल के पिता ने 7 अप्रैल को 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस की जांच में तेजी आई। मैसेज वाले मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया। इसके बाद पुलिस ने गांव के ही रोहित याज्ञिक व तेज प्रताप सिंह को पकड़ा। पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो दोनाें ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद सीओ अंबुज सिंह पांच थानों की पुलिस के साथ रोहित के पशुबाड़े में पहुंचे। रोहित और तेज प्रताप की निशानदेही पर मिट्टी की खोदाई कराई तो बोरी में कमल का शव बरामद किया। शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था।शव को देखकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परमलाल ने बताया कि पांच माह पहले उनके छोटे बेटे के साथ रोहित, भूरे, तेज प्रताप उर्फ तेजा, विक्रम सिंह, सुनील सिंह ने अनैतिक कार्य किया था। इसकी शिकायत उनका पुत्र कमल पुलिस से करने जा रहा था। इसी बात की खुन्नस में पांचों ने मिलकर पुत्र का अपहरण किया और हत्या कर दी। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।माधौगढ़। 26 मार्च को ही कमल के मोबाइल नंबर से उसकी मां गीता के मोबाइल पर मैसेज आया था कि अगर तुम्हें अपना बेटा सही सलामत चाहिए तो 30 लाख रुपये लेकर बताई गई जगह पर पहुंच जाओ। साथ ही अपहरण करने वालों ने चेतावनी दी कि किसी को भी मैसेज दिखाने या पुलिस में शिकायत करने की गलती न करें, वरना अंजाम बेहद खतरनाक होगा। पिता से कह देना कि मैसेज भी अगर किसी को दिखाया तो अंजाम बुरा होगा।अपहरण करने वालों ने खुद को खतरनाक बताते हुए यह भी दावा किया था कि वह पीड़ित के गांव से उनके बेटे को किसी भी समय नुकसान पहुंचा सकता है। उसने अगले दिन तक पैसे पहुंचाने की समय सीमा तय कर परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी।दिल को झकझोर देने वाले किशोर हत्याकांड में अब एक-एक कर ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं, जो न सिर्फ सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि एक पिता के टूटे हुए विश्वास और दर्द को भी बयां करते हैं। कमल के पिता परमलाल का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते सक्रिय हो जाती तो आज उनका बेटा जिंदा होता। परिजनों के मुताबिक, अपहरण करने वाला धमकी भरे मैसेज भेज रहा था। इसमें 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी और बेटे को जान से मारने की चेतावनी दी गई थी। इन मैसेजों को लेकर 28 मार्च को ही परमलाल पुलिस के पास पहुंचे थे। उन्होंने हर मैसेज दिखाया, मदद की गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।पिता परमलाल ने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि कोतवाली पुलिस चाहती तो मेरे बेटे की जान बच सकती थी। उनका आरोप है कि हल्का इंचार्ज रामऔतार गांव आते रहे, लेकिन मदद के बजाय पैसे की मांग करते रहे। परिवार के बड़े सदस्य नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने दरोगा से बोला था कि पहले बेटे को ढूंढ लीजिए, बाद में वह इनाम दे देंगे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परमलाल का कहना है कि कोतवाल माधौगढ़ सिर्फ जांच और साक्ष्य मिलने की बात करते रहे, जबकि समय हाथ से निकलता जा रहा था। अगर 27 मार्च को ही पुलिस सक्रिय हो जाती तो मेरा बेटा आज जिंदा होता, यह कहते हुए पिता की आवाज भर्रा गई।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

