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दिल्ली हाई कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

Deepak Pandit
By Deepak Pandit 2 Min Read
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नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2025 — दिल्ली हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जो ₹1.75 करोड़ की डिजिटल धोखाधड़ी मामले में आरोपी था। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा कि ऐसे मामलों में तकनीकी धोखाधड़ी के कारण जांच करना कठिन हो जाता है।

मामले का विवरण

एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को पुलिस अधिकारी बताकर और फर्जी सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिखाकर शिकायतकर्ता से ₹1.75 करोड़ की ठगी की। आरोपी ने यह दावा किया कि शिकायतकर्ता के आधार कार्ड का उपयोग करके एक सिम कार्ड खरीदी गई थी, जो आपत्तिजनक संदेश भेजने में उपयोग की गई थी।

न्यायमूर्ति महाजन का अवलोकन

न्यायमूर्ति महाजन ने कहा, “ऐसे गंभीर आरोपों में जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है, क्योंकि तकनीकी धोखाधड़ी के मामलों में अपराधियों का पकड़ना कठिन हो जाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि “तकनीकी का लाभ उठाकर अपराधियों ने कानून प्रवर्तन से बचने के लिए जटिल तरीके अपनाए हैं।”

कानूनी प्रावधान

आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 419 (धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (जालसाजी के उद्देश्य से दस्तावेज़ तैयार करना), 471 (जाली दस्तावेज़ का उपयोग), 170 (पुलिस अधिकारी के रूप में पहचान बनाना), 120B (साजिश) और 34 (सामूहिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं 66C और 66D भी लागू की गई हैं।

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Deepak Pandit एक अनुभवी पत्रकार और UPKhabarHindi.com के संस्थापक हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारत से जुड़ी सैकड़ों खबरें कवर की हैं। 166K+ फेसबुक फॉलोअर्स के साथ Deepak Pandit डिजिटल मीडिया में एक विश्वसनीय नाम हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और जनहित की पत्रकारिता करना है। 📧 deepak@upkhabarhindi.com | 🌐 UPKhabarHindi.com
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