चक्रवात मोन्या से तटीय राज्यों में बढ़ा खतरा
चक्रवात मोन्या से तटीय राज्यों में बढ़ा खतरा
यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में तेजी से सक्रिय हो गया है और अगले 24 घंटों में
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज़ हवाएं लाने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात मोन्या के कारण हवाओं की गति
120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
कई जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
राज्य सरकारें और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल (NDRF) लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन की तैयारियां
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी तटीय जिलों के अधिकारियों को
रेस्क्यू और राहत कार्यों के लिए चौकन्ना रहने के निर्देश दिए हैं।
ओडिशा में गोपालपुर, पुरी और भुवनेश्वर जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) ने बताया कि
लगभग 10,000 लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर
स्थानांतरित किया जा चुका है। स्थानीय प्रशासन द्वारा
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
भारतीय नौसेना और वायुसेना की तैनाती
भारतीय नौसेना और वायुसेना ने अपने बचाव जहाज और हेलीकॉप्टर
तटीय इलाकों में तैयार रखे हैं।
विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे से
संचालन के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है ताकि
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित मदद दी जा सके।
मौसम विभाग की ताज़ा भविष्यवाणी
IMD के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, चक्रवात मोन्या
28 अक्टूबर की रात तक आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से
और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार करेगा।
इस दौरान कई इलाकों में बिजली गिरने और
बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घरों में सुरक्षित रहें,
बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें और
सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
साल 2025 का सबसे शक्तिशाली चक्रवात
विशेषज्ञों का कहना है कि मोन्या अब तक का
साल 2025 का सबसे शक्तिशाली चक्रवात साबित हो सकता है।
पिछले वर्ष ‘मोचा’ चक्रवात ने भी पूर्वी भारत में भारी तबाही मचाई थी।
मोन्या का मार्ग उसी क्षेत्र से मिलता-जुलता बताया जा रहा है।
लाइव अपडेट और हेल्पलाइन नंबर
| राज्य | हेल्पलाइन नंबर | संपर्क केंद्र |
|---|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1070 | राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष |
| ओडिशा | 1077 | OSDMA हेल्पलाइन |
| तमिलनाडु | 104 | स्वास्थ्य एवं राहत विभाग |
निष्कर्ष
चक्रवात मोन्या भारत के पूर्वी तट पर
भारी असर डाल सकता है।
सरकारें और एजेंसियां सतर्क हैं,
लेकिन जनता की सतर्कता और तैयारी भी बेहद ज़रूरी है।
स्थानीय प्रशासन की बात मानना और सुरक्षित स्थान पर रहना ही
इस समय सबसे समझदारी भरा कदम है।
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