📅 प्रकाशित तिथि: 4 नवम्बर 2025, मंगलवार
कौन थे Gopichand Hinduja और Hinduja Group ने कैसे बना लिया वैश्विक कारोबार?
Gopichand Hinduja (जिसे अक्सर ‘GP’ कहा जाता था) 29 जनवरी 1940 को जन्मे थे। उन्होंने मुंबई के Jai Hind College से शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी मौत 4 नवंबर 2025 को लंदन के एक अस्पताल में हुई, उम्र 85 वर्ष। Hinduja Group की स्थापना 1914 में Parmanand Deepchand Hinduja ने की थी। Gopichand ने 1959 में परिवार के व्यापार में शामिल होकर इसे ट्रेडिंग व्यवसाय से एक वैश्विक समूह में बदलने में भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में समूह ने ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर सहित कई क्षेत्रों में कदम रखा।
मृत्यु का सही समय-और-स्थान क्या था?
Gopichand Hinduja का निधन 4 नवंबर 2025 को लंदन में हुआ है। मृत्यु के कारण के बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी नहीं मिली है, लेकिन दीर्घकालीन बीमारी की चर्चा हो रही है। उनके जाने के बाद व्यापार जगत और मीडिया दोनों में शोक की लहर देखी गई है।
Gopichand Hinduja के करियर में क्या-क्या मील के पत्थर थे?
1980 के दशक में गुरुस्तर की कंपनियों का अधिग्रहण जैसे Ashok Leyland और Gulf Oil International। ब्रिटेन में सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची (Sunday Times Rich List) में शीर्ष पर बने रहना। ट्रेडिंग व्यवसाय से निकलकर बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रॉपर्टी तक विस्तार।
परिवार और उत्तराधिकार का प्रश्न-चिह्न क्यों बना?
Gopichand हिंदूजा परिवार की दूसरी पीढ़ी में थे। उनके बड़े भाई Srichand Hinduja का मई 2023 में निधन हो गया था। उनके पीछे पत्नी Sunita और तीन बच्चे – Sanjay, Dheeraj एवं Rita – हैं। लंबे समय से परिवार में संपत्ति-वितरण और उत्तराधिकार को लेकर चुनौतियाँ चल रही थीं।

Gopichand Hinduja ने क्या-क्या विवाद झेले?
उनके नेतृत्व में समूह ने कई विवादों का सामना किया, जैसे 2001 में ब्रिटेन में पासपोर्ट मुद्दा। इसके अतिरिक्त, स्विट्जरलैंड में घरेलू स्टाफ के साथ व्यवहार को लेकर समूह को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
Gopichand Hinduja के जाने के बाद Hinduja Group का भविष्य क्या होगा?
उनके अंत के साथ एक युग का समापन हुआ है — उस युग का जिसमें उन्होंने उद्योग, वैश्विक व्यापार एवं उद्यमिता की दिशा बदली।हालाँकि समूह की कमान अभी उनके छोटे भाई Ashok Hinduja और अन्य परिवार-सदस्यों को सौंपने की संभावना है। पहले की तरह, अब समूह को नए कारोबारी मॉडल (नवीन ऊर्जा, डिजिटल प्लेटफॉर्म) अपनाने की चुनौतियाँ और अवसर दोनों मिलेंगे।
निष्कर्ष: Gopichand Hinduja की छोड़ गई विरासत क्या है?
Gopichand Hinduja ने यह साबित किया कि व्यापार सिर्फ एक देश या क्षेत्र का सीमित खेल नहीं है — उन्होंने भारत-ब्रिटेन-मध्य पूर्व-आशिया को जोड़ते हुए एक कोविड-पश्चात् दुनिया के लिए मॉडल तैयार किया।उनकी विरासत न सिर्फ अरबों डॉलर की संपत्ति है बल्कि उस साहस की है जिसने पारंपरिक सीमाओं को तोड़ा और विश्व-व्यापी नेटवर्क बनाया।आज जब हम कहते हैं कि “गोपीचंद हिंदुजा नहीं रहे” तो यह सिर्फ एक उद्योगपति का अंत नहीं बल्कि एक वैश्विक दूरदर्शी के युग का बंद होना है।
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स्रोत: Wikipedia , BBC News , और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स।
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