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Meta Description: News News: News Update: आंध्र प्रदेश में आग से 40 कच्चे घर जलकर खाक, तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर BJP नेताओं को पुलिस ने रोका – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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News: मुख्य समाचार और अपडेट
News: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के सरलंका गांव में सोमवार को भीषण आग लगने से आदिवासी समुदाय के करीब 40 कच्चे घर जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही किसी के घायल होने की सूचना है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया गया कि एक दृष्टिबाधित व्यक्ति के घर में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग तेजी से फैल गई। कच्चे घर सूखी घास और सरकंडे से बने होने के कारण आग कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में फैल गई। दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक घरों में रखा सारा सामान जल चुका था। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने और आगे सहायता का भरोसा दिलाया है।
तमिलनाडु के मदुरै में तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित एक विवादित स्थान पर जाने से पुलिस ने भाजपा नेताओं को रोक दिया। भाजपा नेता एच राजा और उनके साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ता पहाड़ी पर स्थित कल्लाथी मरम यानी अंजीर के पेड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति बिगड़ने और दो समुदायों के बीच तनाव की आशंका को देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। यह विवाद दिसंबर 2025 में कार्तिगई दीपम पर्व के दौरान शुरू हुआ था। आरोप है कि दरगाह के पास स्थित इस पेड़ पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने झंडा फहराया था, जिसे हिंदू समुदाय भगवान मुरुगन के स्थल वृक्ष के रूप में पूजता है। भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध जताया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस भी हुई, लेकिन पुलिस अपने फैसले पर अडिग रही। पुलिस ने 10 जनवरी को मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर पेड़ पर अनधिकृत रूप से झंडा फहराने और अतिक्रमण को लेकर मामला दर्ज किया है। प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।बंगलूरू के कोगिलू इलाके में अवैध मकानों को गिराए जाने के मामले में भाजपा की तथ्य-जांच समिति ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की है। समिति का दावा है कि शहर में जनसांख्यिकीय बदलाव के पीछे संगठित ताकतें काम कर रही हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कराए गए और गैर-नागरिकों को आधार, वोटर आईडी जैसे दस्तावेज दिलवाए गए। समिति का कहना है कि दिसंबर 2025 में जिन इलाकों में मकान तोड़े गए, वहां के लोग केवल पिछले दो वर्षों से रह रहे थे। भाजपा ने राज्य सरकार पर अवैध कब्जाधारियों के पुनर्वास के जरिए तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनआईए जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं।
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