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Meta Description: ED Raid News: ED Raid in Kolkata: सुप्रीम कोर्ट से ममता को झटका लगने के बाद TMC ने दिया ये चौंकाने वाला बयान! – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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ED Raid: मुख्य समाचार और अपडेट
ED Raid: सुप्रीम कोर्ट ने ED की याचिका पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य प्रशासन के अन्य अधिकारियों, जिनमें DGP, पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर शामिल हैं, को नोटिस जारी किया है। ED ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों ने I-PAC के परिसर में उसकी जांच में जबरदस्ती दखल दिया और बाधा डाली। “प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें। दो हफ़्ते के अंदर जवाबी हलफ़नामा दाखिल किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी, 2026 को होगी।
इस बीच यह निर्देश दिया जाता है कि प्रतिवादी I-PAC में लगे CCTV कैमरों और आस-पास के इलाकों की फुटेज वाले अन्य कैमरों को सुरक्षित रखे।” जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ED अधिकारियों के खिलाफ दायर FIR पर भी रोक लगा दी है, जो जांच करने के लिए I-PAC में गए थे। TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, “यह कानूनी मामला है जो अभी कोर्ट में है. इस स्टेज पर हम इस पर कोई राजनीतिक कमेंट पब्लिश नहीं करना चाहते। हमारे सीनियर वकील और एडमिनिस्ट्रेशन इसकी जांच कर रहे हैं.ED अभी प्रतीक जैन के घर पर रेड कर रही है। उन्होंने वहां रेड इसलिए की क्योंकि प्रतीक जैन हमारी पार्टी के कैंपेन के कंसल्टेंट हैं। उनके पास हमारी पार्टी के कैंपेन की हर एक डिटेल है
ED Raid: घटना का पूरा विवरण
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने ईडी के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल प्रतीक जैन का लैपटॉप और उनका निजी आईफोन लेकर गई थीं, क्योंकि उसमें चुनाव से जुड़ा संवेदनशील डेटा था। सिब्बल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रेड में कोई रुकावट नहीं डाली। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह दावा सही नहीं लगता। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर ईडी दस्तावेज जब्त करना चाहती, तो वह ऐसा कर सकती थी। कोर्ट ने साफ कहा हमें इस मामले की जांच करनी होगी। सरकार हमें नोटिस जारी करने से नहीं रोक सकती।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी से पूछा कि वह वहां किस जांच के सिलसिले में गई थी। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि ईडी अवैध कोयला घोटाले की जांच कर रही थी, न कि किसी चुनावी डेटा को जब्त करने। उन्होंने बताया कि जांच में हवाला चैनल और करीब 20 करोड़ रुपये की नकद लेन-देन के सबूत मिले हैं, जिसके चलते 8 जनवरी को I-PAC से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली गई।
चुनाव के समय अचानक रेड क्यों- कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि अगर कोयला घोटाले की जांच पहले से चल रही थी, तो चुनाव के समय अचानक रेड क्यों की गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव I-PAC नहीं, बल्कि चुनाव आयोग कराता है। ईडी का आरोप है कि रेड के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की गई, अहम दस्तावेज छीने गए और अधिकारियों को धमकाया गया। इसी आधार पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को जब्त कर सील करने की मांग की है।
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