Lakhimpur Kheri News: पिता ने कहा-इलाज में लापरवाही से बेटे का कटवाना पड़ा पैर

josephben1999gd@gmail.com
3 Min Read
Lakhimpur Kheri News: पिता ने कहा-इलाज में लापरवाही से बेटे का कटवाना पड़ा पैर: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Lakhimpur

Meta Description: Lakhimpur News: Lakhimpur Kheri News: पिता ने कहा-इलाज में लापरवाही से बेटे का कटवाना पड़ा पैर – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: the-father-said-that-due-to-negligence-in-treatment-his-son-had-to-have-his-leg-amputated-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-166294-2026-01-19

Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट

Lakhimpur: क्षेत्र के गांव खंजनपुर निवासी धरम सिंह ने एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी को बताया कि 10 दिसंबर को उनका पुत्र गुरजीत सिंह अपनी बुआ बलविंदर कौर के साथ बाइक से कुकरा जंगल मार्ग होते हुए गोला शहर आ रहा था। रास्ते में कार से उसकी बाइक टकरा गई। हादसे में गुरजीत का दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। बलविंदर का भी दाहिना पैर घुटने के ऊपर से टूट गया। दोनों को गोला बाइपास मार्ग स्थित सनशाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. कौशल वर्मा ने इलाज में लापरवाही की। उनके पास ऑपरेशन की जरूरी सुविधाएं नहीं थी। फिर भी गुरजीत सिंह को पांच दिन भर्ती रखने के बाद छठे दिन दूसरी जगह ले जाने के लिए कह दिया गया।लखनऊ में डॉक्टर ने बताया कि देरी के चलते टांग सूख चुकी है। अब ऑपरेशन संभव नहीं है। इसके बाद गुरजीत की टांग काट दी गई। पिता ने इसके लिए डॉ. कौशल वर्मा को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने जांच कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।-प्लास्टर खोलने पर आ गई थी सूजन : डाॅ. काैशलडॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि कुछ राजनीतिक लोगों ने द्वेष भावना के चलते सनशाइन हॉस्पिटल के विरुद्ध षड्यंत्र रचा है। इसके तहत मरीज गुरजीत सिंह के परिजनों को बरगलाकर निराधार आरोप लगवाया है। गुरजीत शाम के समय हॉस्पिटल लाए गए थे। एक्सरे में उसकी हड्डी घुटने के पास से टूटी हुई थी। उसको टेंपरेरी प्लास्टर लगाया था, तब हालत सही थी। अगले दिन प्लास्टर खोलने पर कुछ सूजन थी। पैरों की सभी अंगुलियों में ऑक्सीजन सप्लाई नॉर्मल थी। सूजन की वजह से सर्जरी नहीं की। मरीज को बोला गया था कि सूजन कम होगी, तभी कुछ किया जाएगा। फिर तीसरे दिन संदेह के चलते डॉप्लर जांच कराई। इसमें ब्लड सप्लाई प्रॉपर नहीं दिखी। इसे देखते हुए शाम 4 बजे वैस्कुलर सर्जन के पास उसे भेज दिया गया। अस्पताल की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई। हॉस्पिटल प्रबंधन ऐसे भ्रम फैलाने वाले एवं हॉस्पिटल की छवि को धूमिल करने वाले लोगों और नेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करेगा।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.