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Maharashtra CM इतने लाचार क्यों? मंत्री के फरार बेटे पर HC की तल्ख टिप्पणी, पूछा- क्या राज्य में कानून है?

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Maharashtra CM इतने लाचार क्यों? मंत्री के फरार बेटे पर HC की तल्ख टिप्पणी, पूछा- क्या राज्य में कानून है?: ताजा अपडेट

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Meta Description: Maharashtra News: Maharashtra CM इतने लाचार क्यों? मंत्री के फरार बेटे पर HC की तल्ख टिप्पणी, पूछा- क्या राज्य में कानून है? – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

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Maharashtra: मुख्य समाचार और अपडेट

Maharashtra: अदालत शिवसेना मंत्री भारत गोगावले के बेटे विकास गोगावले की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जस्टिस माधव जामदार ने तीखी टिप्पणी में कहा कि मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती। बता दें कि विकास को महाड नगर परिषद चुनाव के दौरान प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया है।कोर्ट की फटकार के बाद, सरकार ने आश्वासन दिया कि मंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि उनका बेटा एक दिन के भीतर आत्मसमर्पण कर दे। विकास गोगावले ने सत्र अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन वह अभी भी फरार है।जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री इतने लाचार हैं कि वह एक मंत्री के खिलाफ भी कुछ नहीं कहते? मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते हैं और वे अपने माता-पिता के संपर्क में रहते हैं लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती? जज ने यह भी सवाल किया कि क्या राज्य में कानून-व्यवस्था और कानून का राज कायम है।महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने कहा कि मंत्री गोगावले अपने बेटे से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वह शुक्रवार को पुलिस के सामने सरेंडर कर दे। हाई कोर्ट ने कहा कि उसे कल सुनवाई से पहले सरेंडर करने के लिए कहें। कोर्ट ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर पुलिस विकास गोगावले को पकड़ने में विफल रहती है तो उसे आदेश पारित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। जस्टिस जामदार ने आगे कहा कि आप (पुलिस) पर दबाव हो सकता है, अदालत पर नहीं।यह मामला रायगड जिले के महाड में नगर परिषद चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़ा है। यह झड़प 2 दिसंबर को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के समर्थकों के बीच हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं और क्रॉस-एफआईआर दर्ज की गईं। एक एफआईआर में विकास गोगावले, उनके चचेरे भाई महेश गोगावले और उनके समर्थकों का नाम है। दूसरी एफआईआर में एनसीपी नेता और पूर्व विधायक माणिक जगताप के बेटे श्रीयांश जगताप का नाम है। हाई कोर्ट ने बाद में श्रीयांश जगताप को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

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