संसद में राहुल के ‘चीन राग’ पर भाजपा आक्रामक: रिजिजू बोले- स्पीकर का अपमान हुआ, कांग्रेस पाप के लिए माफी मांगे

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संसद में राहुल के 'चीन राग' पर भाजपा आक्रामक: रिजिजू बोले- स्पीकर का अपमान हुआ, कांग्रेस पाप के लिए माफी मांगे: ताजा अपडेट

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संसद: मुख्य समाचार और अपडेट

संसद: सदन नियमों से चलता है, मनमर्जी से नहीं

किरण रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में चीन जैसे संवेदनशील मुद्दे को बिना सूचीबद्ध कराए उठाया और एक पत्रिका के लेख से उद्धरण देने की कोशिश की, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जो सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के फैसले का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।

संसद: घटना का पूरा विवरण

चीन सीमा मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा चीन सीमा का मुद्दा उठाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बताए कि क्या वह 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई जमीन को वापस ला सकती है। रिजिजू ने कहा कि चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस के पापों के लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। किरण रिजिजू ने तीखे शब्दों में कहा क्या किसी बड़े परिवार में जन्म लेने से कोई व्यक्ति संसद और नियमों से ऊपर हो जाता है? भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां व्यवस्था नियमों से चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद को संसद से ऊपर समझते हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके नियम उल्लंघन पर तालियां बजाते रहे।

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सदन ने अपने ही नियम छोड़ दिए- मनोज झा

संसद: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

राज्यसभा सांसद और आरजेडी नेता मनोज झा ने संसद की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम को देखकर ऐसा महसूस हो रहा है कि सदन ने अपने ही तय किए गए नियमों से दूरी बना ली है।

मनोज झा ने कहा कि उन्होंने कई मौकों पर सदन के भीतर पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशित स्रोतों का हवाला दिया है और ऐसा पहले कभी आपत्तिजनक नहीं माना गया। लेकिन मौजूदा विवाद को देखते हुए उन्हें संदेह है कि क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (सेवानिवृत्त) की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को भविष्य में प्रकाशित होने की अनुमति भी मिल पाएगी या नहीं।

संसद में सांसदों के अधिकार छीने जा रहे हैं- कल्याण बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने संसद की कार्यप्रणाली और सत्ता पक्ष के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बार-बार पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लेकर विपक्ष के चरित्र, अस्तित्व और पहचान पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे संसदीय गरिमा को ठेस पहुंच रही है।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि मौजूदा हालात देखकर ऐसा लगता है मानो संसद के भीतर सांसदों के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा है। उनके मुताबिक, जनप्रतिनिधियों से धीरे-धीरे उनके सभी अधिकार छीने जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए सही दिशा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह रास्ता ठीक नहीं है और आने वाले समय में देश की जनता इसका जवाब जरूर देगी।

राहुल के बयान पर संसद में हंगामा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन में किसी अप्रकाशित किताब या संस्मरण के हवाले देना संसदीय नियमों के खिलाफ है। हालांकि, राहुल गांधी का दावा है कि उनका स्रोत भरोसेमंद है और उसमें एक पूर्व सेना अधिकारी के अप्रकाशित संस्मरणों के अंश शामिल हैं।

इस मुद्दे पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी सांसद को एक ही बात दोहराने से पांच बार रोका गया। यह सब पूर्व नियोजित लग रहा था। उन्होंने राहुल गांधी के भाषण को शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

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