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Meta Description: Lakhimpur News: Lakhimpur Kheri News: सोठियाना में वर्षों से चल रहा संगठित ठगी नेटवर्क – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट
Lakhimpur: तराई क्षेत्र की तीन नदियों से घिरे पढ़ुआ थाना क्षेत्र के गांव सोठियाना, रायपुर, दुलही, पठानन पुरवा, निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मिर्जागंज और कर्मूपुरवा, तिकुनिया क्षेत्र के गांव सुथना बरसोला, खमरिया तथा धौरहरा क्षेत्र के शेखनापुरवा और टेंगनहा में अलग-अलग ठगी गिरोह सक्रिय बताए जाते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ गिरोहों के सदस्य आपस में संपर्क में भी रहते हैं।बृहस्पतिवार को पढ़ुआ थाना क्षेत्र के गांव सोठियाना निवासी ठग गिरोह के सदस्य वसीक, रिजवान और कल्लू कोरियाई नागरिक जॉनडोंगचुंगजू निवासी ओहजिन सियाक और ली इंचियोल को लाल मरकरी देने का झांसा देकर ठगी की फिराक में थे। सोशल मीडिया के माध्यम से की गई चैटिंग की जानकारी पुलिस को पहले ही मिल चुकी थी।विदेशी नागरिकों के साथ ठगी की सूचना पर निघासन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मौके पर घेराबंदी कर दो आरोपियों वसीक और रिजवान को पकड़ लिया, जबकि कल्लू मौके से भाग गया। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया चैट के जरिये कोरियाई नागरिकों को झांसे में लिया गया था। संवाद-सोशल मीडिया और क्लासीफाइड ऐप से तलाशते हैं शिकारगिरोह के सदस्य गुजरात, मुंबई, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के धनवान लोगों और विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अखबारों के क्लासीफाइड विज्ञापनों का सहारा लेते हैं। फेसबुक के जरिये पहले दोस्ती की जाती है, फिर मोबाइल नंबर लेकर बातचीत शुरू होती है। इसके बाद यह बताया जाता है कि वे नेपाल सीमा के पास रहते हैं, जहां नागमणि, दोमुंहा सांप, मोरपंखी और करामाती गिलास जैसी दुर्लभ चीजें सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। लालच में आकर जब लोग मौके पर पहुंचते हैं, तो उनके साथ ठगी कर रकम ऐंठ ली जाती है। विरोध करने पर मारपीट और जबरन पैसे छीनने की घटनाएं भी सामने आई हैं।-ऐसे बनाते हैं नकली नागमणि, मोरपंखी और करामाती गिलासपुलिस के अनुसार, ठग नागमणि बनाने के लिए एवियन 200 कैप्सूल को काटकर उसमें ईनो पाउडर भरते हैं और सील कर देते हैं। उसमें सुई से दो छोटे छेद कर दिए जाते हैं, जिससे पानी में डालने पर वह ऊपर-नीचे होने लगता है। अंधेरे कमरे में चमक दिखाने के लिए छोटे एलईडी बल्ब और बैटरी की मदद से प्रकाश उत्पन्न किया जाता है, जिसे दूर बैठा ऑपरेटर नियंत्रित करता है। रेड मरकरी के नाम पर खाली शीशी में आधा रेड मोबिल ऑयल और आधा पारा भरकर चुंबक की सहायता से उसे संचालित किया जाता है। वहीं, दो मोरपंखियों को जोड़कर विशेष कारीगरी से चांद वाली मोरपंखी बनाई जाती है। करामाती गिलास बनाने के लिए तांबे के गिलास को आग में तपाकर पुराना दिखाया जाता है। उसमें चावल और लोहे का बारीक तार डालकर चुंबक की मदद से चावल को चलाया जाता है।-ठगी में संलिप्त चौकी इंचार्ज हो चुका निलंबितजून, 2025 में गुजरात के अहमदाबाद निवासी हनीफ अपने दो साथियों के साथ ढखेरवा पहुंचे थे। नकली सोने की ईंट बेचने के नाम पर गुजरात के लोगों से 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में पढ़ुआ थाने के तत्कालीन चौकी इंचार्ज की संलिप्तता सामने आई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया था। तत्कालीन सीओ प्रवीण कुमार की सतर्कता से मामला उजागर हुआ था।-गांवों के बाहर लगाए गए थे चेतावनी बोर्डपढ़ुआ थाना क्षेत्र के गांव सोठियाना और निघासन कोतवाली क्षेत्र के गांव मिर्जागंज के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने वर्षों पहले एहतियाती तौर पर चेतावनी बोर्ड लगवाए थे। इन बोर्डों पर लिखा था कि उक्त गांवों में नागमणि, मोरपंखी, दोमुंहा सांप और करामाती गिलास के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। लोगों से सावधान रहने और लालच में न आने की अपील की गई थी। वर्तमान में ये बोर्ड या तो गायब हो चुके हैं या उन पर लिखा संदेश मिट चुका है।पुलिस ने गिरोह के दो ठगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी कल्लू की तलाश की जा रही है। गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।-शिवम कुमार, सीओ निघासन
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