Up Khabar Hindi | रिपोर्ट — 12 अक्टूबर 2025
🔹 झड़पों का परिदृश्य
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर 12 अक्टूबर 2025 को गंभीर झड़पें हुईं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर सैनिकों और क्षेत्रीय कब्जे में भारी नुकसान का आरोप लगाया। यह संघर्ष दक्षिण-पूर्व अफगानिस्तान और पाकिस्तान के खैबर-पख़्तूनख़्वा सीमा क्षेत्र में केंद्रित है।
🔹 दोनों पक्षों के दावे
| पक्ष | दावा |
|---|---|
| अफगानिस्तान | पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को 58 सैनिकों की मौत हुई। |
| पाकिस्तान | अफगानिस्तान की 19 सीमा पोस्ट पर कब्जा। |
| दोनों देश | एक-दूसरे पर रणनीतिक विफलताओं और क्षेत्रों में नियंत्रण का आरोप। |
🔹 तनाव के कारण
सीमा क्षेत्र में वर्षों से चरमपंथी गतिविधियाँ और खुफिया लड़ाई चल रही हैं। तालिबान की सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान पर आतंकवाद और सीमा सुरक्षा के आरोप लगते रहे हैं। यह झड़प दोनों देशों के कूटनीतिक और सैन्य तनाव को बढ़ा रही है।
🔹 अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
इस झड़प से पाकिस्तान-चीन-अमेरिका के त्रिपक्षीय संबंधों पर असर पड़ा है। अफगानिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र में प्रभुता दिखाना चाहता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
🔹 आगे की संभावनाएँ
- दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ता का दबाव।
- सीमा सुरक्षा, हवाला नेटवर्क और आतंक वित्तीय चक्र की जांच तेज।
- सीमावर्ती नागरिकों पर प्रभाव, विस्थापन और सुरक्षा चिंताएँ बढ़ सकती हैं।
🔹 निष्कर्ष
दोनों पक्षों द्वारा भारी नुकसान का दावा, केवल आंकड़ों का मामला नहीं बल्कि राष्ट्र सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय छवि का प्रश्न है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान झड़प यह याद दिलाती है कि शांतिपूर्ण सीमावर्ती संबंध कितने नाजुक हैं और केवल संवाद, विश्वास और पारदर्शिता से ही स्थिर रह सकते हैं।
