SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: AI Impact
Meta Description: AI Impact News: AI Impact Summit: एआई सम्मेलन में भारत ने पाकिस्तान को नहीं बुलाया, चीन और बांग्लादेश को दिया न्योता – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: ai impact-ai-impact-summit-india-did-not-invite-pakistan-but-invited-china-and-bangladesh-2026-02-15
AI Impact: मुख्य समाचार और अपडेट
AI Impact: Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को नहीं बुलाया गया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने शनिवार को यहां कहा कि भारत का जोर उन देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर है जो जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव केंद्रित आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस विकसित करने के साझा दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। इस समिट के बाद एक आउटकम दस्तावेज भी जारी होगा। 20 राष्ट्र प्रमुख, 45 देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इसमें शिरकत करेंगे। अब तक 2 लाख से ज्यादा का पंजीकरण हो चुके हैं। विज्ञापन विज्ञापन
AI Impact: घटना का पूरा विवरण
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन नहीं आएंगे
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण एनवीडिया ने उनकी यात्रा रद्द की है, लेकिन कंपनी अपना उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेज रही है। एनवीडिया उन प्रमुख खिलाड़ियों में से एक है जो अपने तेज प्रोसेसिंग वाले जीपीयू सर्वरों के कारण एआई इकोसिस्टम पर अपना दबदबा बनाए हुए है।
डीपफेक की चुनौतियों से निपटने पर भी होगी चर्चा
AI Impact: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
समिट के जरिये भारत वैश्विक एआई के मैदान में मजबूत दावेदारी दिखाएगा। इस आयोजन में विभिन्न देशों के नीति नियंता, उद्यमी, टेक दिग्गज और शोधकर्ता एआई की जरूरतों व चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे। मुख्य आयोजन 19 फरवरी को उद्घाटन के साथ शुरू होगा। इन उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही उन निष्कर्षों को अंतिम रूप देकर विजन डाक्यूमेंट जारी होगा। इसके जरिये भारत की कोशिश ग्लोबल साउथ में एआई क्रांति की आवाज बनने की है। समिट 2026 का उद्देश्य लोकतांत्रिक, समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है। समिट में डीपफेक की चुनौतियों से निपटने में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।
स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल्स की होगी गूंज
एआई इम्पैक्ट समिट का सबसे मुख्य आकर्षण इंडिया एआई मिशन के तहत चुने गए 12 भारतीय स्टार्टअप्स के विकसित स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल्स होंगे। ये मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं, डाटासेट और यहां की सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। भाषाई विविधता क्षेत्र में सर्वम एआई व सोकेट एआई लैब्स 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में तर्क और संवाद करने में सक्षम मॉडल पेश कर रहे हैं।
जटिलताओं को सुलझाना एआई की ताकत
जलवायु जोखिमों का सबसे अधिक सामना करने वाले देश अब अगले तकनीकी परिवर्तन के नियम तय करने की शुरुआत कर रहे हैं। एआई की असली ताकत जटिलताओं को सुलझाने में है। जलवायु परिवर्तन एक अत्यंत जटिल और नुकसानदायक समस्या है। एआई का कृषि लचीलापन लाने में उपयोग किया जा सकता है। – डॉ. अरुणाभ घोष, सीईओ, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वॉटर
विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान को नहीं बुलाया गया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने शनिवार को यहां कहा कि भारत का जोर उन देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर है जो जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव केंद्रित आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस विकसित करने के साझा दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। इस समिट के बाद एक आउटकम दस्तावेज भी जारी होगा। 20 राष्ट्र प्रमुख, 45 देशों के मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इसमें शिरकत करेंगे। अब तक 2 लाख से ज्यादा का पंजीकरण हो चुके हैं।एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण एनवीडिया ने उनकी यात्रा रद्द की है, लेकिन कंपनी अपना उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेज रही है। एनवीडिया उन प्रमुख खिलाड़ियों में से एक है जो अपने तेज प्रोसेसिंग वाले जीपीयू सर्वरों के कारण एआई इकोसिस्टम पर अपना दबदबा बनाए हुए है।समिट के जरिये भारत वैश्विक एआई के मैदान में मजबूत दावेदारी दिखाएगा। इस आयोजन में विभिन्न देशों के नीति नियंता, उद्यमी, टेक दिग्गज और शोधकर्ता एआई की जरूरतों व चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे। मुख्य आयोजन 19 फरवरी को उद्घाटन के साथ शुरू होगा। इन उच्च स्तरीय बैठकों के साथ ही उन निष्कर्षों को अंतिम रूप देकर विजन डाक्यूमेंट जारी होगा। इसके जरिये भारत की कोशिश ग्लोबल साउथ में एआई क्रांति की आवाज बनने की है। समिट 2026 का उद्देश्य लोकतांत्रिक, समावेशी और प्रभावशाली एआई के भविष्य की दिशा तय करना है। समिट में डीपफेक की चुनौतियों से निपटने में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।ये भी पढ़ें: Supreme Court: ‘वकील साहब, मत जाइए, आपकी जरूरत पड़ेगी’, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पारदीवाला ने क्यों कही ये बात? एआई इम्पैक्ट समिट का सबसे मुख्य आकर्षण इंडिया एआई मिशन के तहत चुने गए 12 भारतीय स्टार्टअप्स के विकसित स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल्स होंगे। ये मॉडल विशेष रूप से भारतीय भाषाओं, डाटासेट और यहां की सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। भाषाई विविधता क्षेत्र में सर्वम एआई व सोकेट एआई लैब्स 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में तर्क और संवाद करने में सक्षम मॉडल पेश कर रहे हैं।जलवायु जोखिमों का सबसे अधिक सामना करने वाले देश अब अगले तकनीकी परिवर्तन के नियम तय करने की शुरुआत कर रहे हैं। एआई की असली ताकत जटिलताओं को सुलझाने में है। जलवायु परिवर्तन एक अत्यंत जटिल और नुकसानदायक समस्या है। एआई का कृषि लचीलापन लाने में उपयोग किया जा सकता है।
ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया व फ्रांस के बाद अब चौथा वैश्विक एआई समिट नई दिल्ली में होने जा रहा है। भारत ने इसमें 100 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों ,मंत्रियों, राजनयिकों व तकनीकी वविशेषज्ञों व उद्यमियों को आमंत्रित किया है। लेकिन इसमें पड़ोसी देश पाकिस्तान नहीं है। बांग्लादेश, चीन, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे अन्य पड़ोसी देशों को न्योता भेजा गया है।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)
