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Meta Description: Asaduddin News: Asaduddin Owaisi On SIR : असदुद्दीन ओवैसी ने SIR पर मुसलमानों के लिए क्यों कही ये बात! – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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Asaduddin: मुख्य समाचार और अपडेट
Asaduddin: असदुद्दीन ओवैसी द्वारा SIR (Special Intensive Revision), यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर पूछे गए सवालों और टिप्पणियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। SIR भारत में निर्वाचन आयोग द्वारा वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) को अपडेट करने का एक बड़ा कार्य है, जिसका उद्देश्य पुरानी सूचियों की समीक्षा करना और नामों को हटाना या जोड़ना है। यह प्रक्रिया 2003 के रिकॉर्ड को आधार बनाकर की जा रही है, जिसमें मतदाता अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा कराते हैं।
ओवैसी ने इस प्रक्रिया को लेकर कई तीखे सवाल और गंभीर आरोप उठाए हैं। उनका दावा है कि SIR केवल एक सामान्य मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके ज़रिए मुस्लिम सहित कुछ समुदायों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि SIR “backdoor NRC (National Register of Citizens)” की तरह है, यानी यह गैर- नागरिकों की पहचान और नाम हटाने के नाम पर नागरिकों के मताधिकार को समाप्त करने का एक अप्रत्यक्ष तरीका बन सकता है। ओवैसी का यह भी आरोप है कि SIR प्रक्रिया धर्म के आधार पर लोगों को अलग कर सकती है, जिससे अल्पसंख्यक समुदायों को मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग के पास नागरिकता निर्धारित करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि भारतीय कानून के हिसाब से यह अधिकार गृह मंत्रालय और संबंधित कानूनों के अंतर्गत आता है, न कि निर्वाचन आयोग के तहत।
Asaduddin: घटना का पूरा विवरण
ओवैसी ने संसद में यह भी तर्क दिया कि जिन लोगों के नाम 2025 की सूची में शामिल थे, उन्हें बिना दस्तावेज़ मांगे फायदा देना चाहिए था, लेकिन SIR के तहत उन्हें दस्तावेज़ जमा करने के लिए मजबूर करना गलत है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संविधान या सुप्रीम कोर्ट के न्यायों के विरुद्ध भी है। इसके अलावा उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब 3.66 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, तो सरकार ने इसी बीच नए विदेशी और अप्रवासियों से जुड़े कानूनों में बदलाव भी किए, जो उन्होंने और संदिग्ध बताया।
हाल ही में ओवैसी ने तेलंगाना के हैदराबाद में सार्वजनिक रूप से लोगों से SIR के लिए सक्रिय रूप से तैयारी करने के लिये कहा है, और कहा है कि बीजेपी SIR का उपयोग लोगों के नाम हटाने और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाने के लिये करना चाहती है। उन्होंने मतदाताओं को सुस्त न रहने और इस प्रक्रिया के लिये दस्तावेज़ तैयार रखने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अनुचित कटौती से बचा जा सके।
ओवैसी की इन टिप्पणियों का व्यापक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य भी है — विरोधी दलों और नागरिक अधिकार समूहों ने भी SIR को चुनाव से पहले एक विवादित कदम बताया है, जिस पर अदालतों और संसद में बहस और आलोचना चल रही है। SIR विरोधी आरोपों के कारण यह मुद्दा भारतीय राजनीति में संवेदनशील बन चुका है, और ओवैसी इसके मुखर आलोचकों में से एक हैं।
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इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
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