SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: Vaishnaw
Meta Description: Vaishnaw News: Vaishnaw on Fair Share: कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया हाउस को काम के बदले वाजिब हक मिले, वैष्णव ने ऐसा क्यों कहा? – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: ashwini-vaishnaw-on-fair-share-to-content-creators-and-media-houses-in-return-of-works-know-hindi-news-details-2026-02-27
Vaishnaw: मुख्य समाचार और अपडेट
Vaishnaw: एभारत में 80 करोड़ से अधिक इंटरनेट यूजर्स हैं। मौजूदा दौर में 60 करोड़ से ज्यादा लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे दौर में कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया हाउस के काम का तरीका भी बदल रहा है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच काम कर रहे पेशेवरों को वाजिब हक दिए जाने के संबंध में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नई इन्फॉर्मेशन इकॉनमी का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने वाले पेशेवरों को हर संभव मदद और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए एथिकल सिनेरियो पर बात करते हुए वैष्णव ने एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में कहा, देश-दुनिया में एआई की ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया हाउस को उनके काम के लिए सही हक मिलना चाहिए।’ शुक्रवार को केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री नेकी वकालत करते हुए कहा,संसदीय समितियां और न्यायपालिका भी लोगों के सामने मौजूद खतरों को लेकर चिंतित हैं। अगर किसी यूजर की कोई शिकायत है, तो उसे कैसे सुना जाए और उनकी हिफाजत करने का तंत्र क्या होगा, इस पर चर्चा जरूरी है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के व्यावसायिक मॉडल पर बात करते हुए उन्होंने जोर दिया कि खबरों के रचनाकारों, परंपरागत मीडिया, इन्फ्लुएंसर्स और शोधार्थियों के साथ रेवेन्यू निष्पक्ष तरीके से साझा किया जाना चाहिए। इसके लिए नीतिगत ढांचे की आवश्यकता जताते हुए और टेक कंपनियों को आगाह करते हुए वैष्णव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘मैं सभी प्लेटफॉर्म्स से अपनी रेवेन्यू-शेयरिंग नीतियों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करूंगा क्योंकि यह आज पूरे समाज की एक प्रमुख चिंता है। यदि यह स्वेच्छा से नहीं किया जाता है, तो ऐसे कई देश हैं जिन्होंने इसे कानूनी तरीके से करने का रास्ता दिखाया है। इसके लिए नीति बनाना जरूरी है।बदलते दौर में समाचार माध्यमों की भूमिका पर केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि पूरा मानव समाज भरोसे की संस्थाओं पर टिका है। यह भरोसा परिवार से शुरू होता है और सामाजिक पहचान, न्यायपालिका, मीडिया, विधायिका जैसी संस्थाओं तक जाता है। समाज के अलग-अलग अंग और संस्थाएं विश्वास के सिद्धांत पर काम करती हैं। मीडिया घरानों के लिए भी बुनियादी सिद्धांत यही रहता है कि वह निष्पक्ष और जिम्मेदार रहें। मीडिया के समक्ष खतरे भी मौजूद हैं। जैसे- डीप फेक, गलत सूचनाओं का प्रवाह। हर समाज इस तरह के खतरों से जूझ रहा है। जो संस्थाएं शताब्दियों से मौजूद हैं, उन्हें इन खतरों से कैसे बचाए रखा जाए, यह बड़ी चुनौती है। ऑनलाइन सेफ्टी इसके लिए बहुत जरूरी है। खबरों की प्रामाणिकता, बच्चों की सुरक्षा, सिंथेटिक कंटेंट से बचाव भी जरूरी है और इसके लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

