Banda: जानबूझकर गिरफ्तारी में चूक करने पर जेल अधीक्षक व जेलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

4 Min Read
Banda: जानबूझकर गिरफ्तारी में चूक करने पर जेल अधीक्षक व जेलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Banda:

Meta Description: Banda: News: Banda: जानबूझकर गिरफ्तारी में चूक करने पर जेल अधीक्षक व जेलर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: banda:-banda-fir-registered-against-jail-superintendent-and-jailer-for-deliberately-failing-to-make-an-arrest-2026-02-03

Banda:: मुख्य समाचार और अपडेट

Banda:: जेल चौकी प्रभारी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर अपराधी रवि काना की रिहाई के संबंध में जेल अधीक्षक, जेलर और अन्य के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया है। इस संवेदनशील प्रकरण को देखते हुए, अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष विवेचनात्मक टीम गठित की गई है। जो हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है कि किन परिस्थितियों में अभियुक्त को रिहा किया गया। – पलाश बंसल, एसपी बांदा

गैंगस्टर रवि काना पर नोएडा के सेक्टर-63 थाने में वसूली सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2024 से बांदा मंडल कारागार में अन्य मामलों में बंद चल रहा था। वसूली से जुड़े एक मामले में बी-वारंट के जरिए उसे न्यायालय में तलब किया गया था। विवेचक द्वारा आरोपी का रिमांड मांगे जाने के बाद 29 जनवरी को न्यायालय के आदेश पर उसकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। इसी दिन शाम को रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया था। इस रिहाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्धनगर ने मामले में डीजी जेल और जेल अधीक्षक से जवाब तलब किया था। इसके जवाब में डीजी जेल पीसी मीणा ने डीआईजी जेल प्रयागराज रेंज राजेश श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। इसी क्रम में कुछ ही घंटे के भीतर बांदा जेलर विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जेल चौकी प्रभारी अनुराग पांडेय ने जेल अधीक्षक अनिल गौतम, जेलर विक्रम सिंह यादव और अन्य अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 260 सी के तहत कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस धारा के तहत लोक सेवक द्वारा जानबूझकर गिरफ्तारी में चूक करना दंडनीय अपराध है।वहीं, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसपी पलाश बंसल ने अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में एक टीम गठित की है। इस टीम में सीओ सिटी मेविस टॉक, शहर कोतवाल बलराम और एसओजी प्रभारी आनंद कुमार भी शामिल हैं। टीम ने मंगलवार को मंडल कारागार पहुंचकर करीब छह घंटे रवि काना की रिहाई के समय, सीसीटीवी फुटेज, जेल के अंदर लगे कैमरों की स्थिति और रिहाई से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले। जांच के दौरान टीम ने जेल अधीक्षक अनिल गौतम सहित कुल 10 जेल कर्मियों और नौ बंदियों से पूछताछ की। जेल अधीक्षक से पूछताछ एक अलग कमरे में की गई। जहां उनसे विस्तृत जानकारी ली गई।इस बीच जेलर पर हुई निलंबन की कार्रवाई के एक सप्ताह के भीतर, प्रयागराज जोन से नए जेलर आलोक कुमार की तैनाती जिला कारागार में कर दी गई है। मामले की जांच फिलहाल जारी है और पुलिस हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही है कि किन परिस्थितियों में गैंगस्टर रवि काना को रिहा किया गया था।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version