SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: Bengal
Meta Description: Bengal News: Bengal Elections: प. बंगाल में CAPF जवान होंगे तैनात, वाहनों में लगेगा GPS; केंद्रीय पर्यवेक्षक भी नजर रखेंगे – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: bengal-elections-capf-personnel-will-be-deployed-gps-will-be-installed-in-vehicles-2026-02-25
Bengal: मुख्य समाचार और अपडेट
Bengal: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले 1 मार्च से तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे। ताकि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक लगातार यह निगरानी कर सकें कि तैनात सीएपीएफ कर्मियों का पहले दिन से ही प्रभावी ढंग से उपयोग हो रहा है या नहीं।
चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि सीएपीएफ की 240 कंपनियों का पहला चरण, जिन्हें 1 मार्च को तैनात किया जाना है (मतदान तिथियों की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से पहले), निष्क्रिय नहीं बैठा रहेगा। पहले दिन से ही उन्हें क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने और राज्य के भूगोल से परिचित होने के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
Bengal: घटना का पूरा विवरण
यह भी पढ़ें- PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी के इस्राइल दौरे पर कांग्रेस का हमला, जयराम रमेश ने कहा- यह नैतिक कायरता
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, “अब, आयोग द्वारा निर्देशित प्रभावी उपयोग को पहले दिन से ही सुनिश्चित करने के लिए, इन सीएपीएफ कर्मियों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकें। पर्यवेक्षक सीएपीएफ के उपयोग पर दैनिक रिपोर्ट भी आयोग को भेज सकते हैं।” उनके अनुसार, यही बात सीएपीएफ की 240 अतिरिक्त कंपनियों पर भी लागू होगी जिन्हें 10 मार्च को दूसरे चरण में तैनात किया जाएगा।
कड़ी निगरानी रखने का फैसला किया
Bengal: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
सीईओ कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों में कई शिकायतें मिली थीं कि बड़ी संख्या में सीएपीएफ कर्मियों की तैनाती के बावजूद मतदान के दिनों में भी उनका प्रभावी उपयोग नहीं हो पाया था। सीएपीएफ कर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान घूमने-फिरने की भी शिकायतें थीं। इसलिए इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने इस बार सीएपीएफ कर्मियों की गतिविधियों पर पहले दिन से ही कड़ी निगरानी रखने का फैसला किया है ताकि शुरू से अंत तक उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।”
यह भी पढ़ें- आज के दिन: प्रधानमंत्री मोदी का दो दिन का इस्राइल दौरा, टी20 विश्वकप में न्यूजीलैंड-श्रीलंका के बीच मुकाबला
पहले चरण में 240 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां, भारत-तिब्बत पुलिस बल (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां शामिल होंगी। दूसरे चरण में 10 मार्च को 240 कंपनियों की तैनाती होगी – सीआरपीएफ से 120, बीएसएफ से 65, सीआईएसएफ से 16, आईटीबीपी से 20 और एसएसबी से 19 कंपनियां। ईसीआई की अधिसूचना के अनुसार, इन 480 कंपनियों की वापसी (जो किसी विशिष्ट क्षेत्र से सैनिकों, उपकरणों या कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया है) की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)
