पटना, 28 अक्टूबर 2025: बिहार चुनाव 2025 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, सियासत में नए-नए मोड़ देखने को मिल रहे हैं। अब चर्चा का केंद्र बने हैं प्रशांत किशोर, जिनका नाम एक नहीं बल्कि दो राज्यों—बिहार और पश्चिम बंगाल—की मतदाता सूची में पाया गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस जानकारी की पुष्टि की है।
🗳️ प्रशांत किशोर दो राज्यों के वोटर सूची में
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर का नाम दो राज्यों की वोटर लिस्ट में आने के बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने आयोग से इस पर सफाई मांगी है, वहीं जन सुराज पार्टी ने कहा कि यह एक “तकनीकी त्रुटि” हो सकती है।
प्रशांत किशोर पहले भी कई राजनीतिक अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन इस बार वे खुद अपने दल के साथ मैदान में हैं। उनका कहना है कि बिहार को “नई राजनीति” की जरूरत है, जहां जनता नारे नहीं, नतीजे देखे।
⚡ रेखा गुप्ता और राहुल गांधी भी करेंगे प्रचार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार, 29 अक्टूबर से बिहार के चुनावी दौरे पर रहेंगी। वे पटना, भागलपुर और गया में जनसभाएं करेंगी। उनका मुख्य फोकस महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दे रहेंगे।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उसी दिन मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनसभाएं करने वाले हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी इस चुनाव में बेरोज़गारी और महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाकर एनडीए सरकार पर हमला बोलेंगे।
🔥 बिहार चुनाव 2025: विपक्ष का हमला तेज़
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और एनडीए सरकार जनता की परेशानियों से बेखबर है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस बार सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान पार्टी द्वारा उठाए गए सवालों पर आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे।”
📊 एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन: सियासी समीकरण बदलते हालात
बिहार की सियासत इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील होती दिख रही है। एक ओर एनडीए गठबंधन (भाजपा-जदयू-लोजपा) चुनावी मैदान में है, वहीं दूसरी ओर इंडिया गठबंधन (कांग्रेस, आरजेडी, वामदल) एकजुट होकर लड़ाई में है।
तीसरे मोर्चे के रूप में जन सुराज पार्टी तेजी से उभर रही है, जो खासकर ग्रामीण इलाकों और युवाओं में लोकप्रियता हासिल कर रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर जन सुराज 5-6 सीटों पर भी मजबूत प्रदर्शन करती है, तो यह गठबंधनों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
🌧️ जनता के मुद्दे बनाम चुनावी वादे
इस बार बिहार चुनाव 2025 में जाति समीकरणों के बजाय युवाओं की बेरोज़गारी, शिक्षा की स्थिति और किसानों की परेशानी जैसे मुद्दे हावी रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी “बदलाव का बिहार” और “नई राजनीति” जैसे ट्रेंड्स लगातार चर्चा में हैं।
🔍 निष्कर्ष
अब जबकि 29 अक्टूबर से प्रचार का नया चरण शुरू होने जा रहा है, रेखा गुप्ता, राहुल गांधी और प्रशांत किशोर जैसे दिग्गजों के मैदान में उतरने से बिहार की सियासत और भी गर्म होने वाली है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस पर भरोसा जताती है — पुराने वादों पर या नए चेहरे पर।
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