SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: BMC Polls:
Meta Description: BMC Polls: News: BMC Polls: अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में शिंदे गुट ने भाजपा का खेल पलटा! – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: bmc polls:-bmc-polls-shinde-faction-turns-bjp-s-game-upside-down-in-ambernath-municipal-council-elections-2026-01-13
BMC Polls:: मुख्य समाचार और अपडेट
BMC Polls:: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद एक बार फिर राजनीतिक घमासान का गवाह बनी। सोमवार को नगर परिषद की सामान्य सभा बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच न सिर्फ तीखी बहस हुई, बल्कि नारेबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और खुलेआम टकराव भी देखने को मिला। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन की गरिमा तक पर सवाल खड़े हो गए।
दरअसल, अंबरनाथ नगर परिषद में लंबे समय से भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सत्ता को लेकर रस्साकशी चल रही है। पिछले महीने नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली थी, जब उसकी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील अध्यक्ष चुनी गईं। यह जीत भाजपा के लिए राजनीतिक संबल मानी जा रही थी, लेकिन अब उपाध्यक्ष पद का चुनाव दोनों दलों के बीच नई लड़ाई का मैदान बन गया है।
BMC Polls:: घटना का पूरा विवरण
अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 60 सदस्य हैं। मौजूदा स्थिति में शिवसेना (शिंदे गुट) के 27 पार्षद, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के चार और दो निर्दलीय पार्षद हैं। शुरुआत में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी (एवीए)’ बनाई थी। कांग्रेस के 12 और एनसीपी के चार पार्षदों के समर्थन से भाजपा के पास 32 का बहुमत हो गया था, जिससे सत्ता पर उसकी पकड़ मजबूत मानी जा रही थी।
लेकिन यह गठबंधन ज्यादा समय तक टिक नहीं सका। कांग्रेस ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा का समर्थन करने वाले अपने सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया। इसके बाद एनसीपी के चारों पार्षदों ने भी भाजपा से समर्थन वापस ले लिया और शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए। इस राजनीतिक उलटफेर के बाद शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और उसे सदन में स्पष्ट बहुमत मिल गया।
सोमवार को हुई सामान्य सभा बैठक में उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए माहौल पहले से ही गर्म था। भाजपा ने एवीए के सभी सदस्यों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटील के पक्ष में मतदान करने का व्हिप जारी किया। हालांकि, एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया और साफ कर दिया कि वह भाजपा के उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी।
BMC Polls:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
एनसीपी के इस रुख का समर्थन स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किणीकर ने भी किया। उन्होंने कहा कि अब अंबरनाथ विकास आघाड़ी का कोई अस्तित्व नहीं है और भाजपा को हकीकत स्वीकार करनी चाहिए। इसी बीच शिवसेना (शिंदे गुट) ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटील को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिससे भाजपा और भड़क गई।
जैसे ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी, सदन का माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया। भाजपा और शिवसेना समर्थक पार्षदों के बीच जोरदार नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के साथ गाली-गलौज तक की नौबत आ गई। गुस्से में आए कुछ भाजपा पार्षदों को चप्पल लहराते हुए और शिवसेना उम्मीदवार के खिलाफ नारे लगाते देखा गया। यह दृश्य न सिर्फ चौंकाने वाला था, बल्कि स्थानीय लोकतंत्र की तस्वीर भी पेश कर रहा था।
हालांकि, उपाध्यक्ष पद के चुनाव का आधिकारिक परिणाम मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घोषित किया जाएगा। लेकिन जिस तरह से सदन में हंगामा हुआ, उसने साफ कर दिया है कि अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता को लेकर तनाव अभी खत्म होने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

