CCS: इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई सीसीएस की बैठक, वापस लौट रहे हैं दिल्ली

3 Min Read
CCS: इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई सीसीएस की बैठक, वापस लौट रहे हैं दिल्ली: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: CCS:

Meta Description: CCS: News: CCS: इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई सीसीएस की बैठक, वापस लौट रहे हैं दिल्ली – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: ccs:-pm-modi-will-chair-a-meeting-of-the-cabinet-committee-on-security-ccs-tonight-2026-03-01

CCS:: मुख्य समाचार और अपडेट

CCS:: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से फोन पर बात की।

भारत की गहरी चिंता से उन्हें अवगत कराया गया।

CCS:: घटना का पूरा विवरण

इस्राइल के विदेश मंत्री गिडोन सार से भी बातचीत हुई।

दोनों पक्षों से तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील दोहराई गई।

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब रात 9:30 बजे दो दिवसीय दौरे से दिल्ली पहुंचेंगे और उसके तुरंत बाद CCS बैठक करेंगे। इस बैठक में ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पैदा हुए संकट, क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और भारत के रणनीतिक हितों पर चर्चा होगी। वरिष्ठ सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अधिकारी इसमें शामिल होंगे।बैठक में पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों, खासकर यूएई और आसपास के इलाकों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा। सरकार वहां फंसे भारतीयों की स्थिति, संभावित निकासी योजना और दूतावासों द्वारा जारी एडवाइजरी की समीक्षा करेगी। बढ़ते सैन्य तनाव के कारण हवाई सेवाओं और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी चर्चा होने की संभावना है।भारत ने पहले ही आधिकारिक बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तनाव बढ़ाने से बचना और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत ने स्पष्ट किया कि संवाद और कूटनीति ही संकट का समाधान है तथा सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान जरूरी है।प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में इस्राइल के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने इस्राइली संसद में संबोधन दिया था। इस दौरान भारत-इस्राइल संबंधों को मजबूत बताया गया। वहीं अब क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने के बाद भारत संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाते हुए सुरक्षा और ऊर्जा हितों पर नजर बनाए हुए है।पश्चिम एशिया भारत के ऊर्जा आयात, व्यापार और प्रवासी भारतीयों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लंबे संघर्ष की स्थिति में तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी कारण सीसीएस बैठक को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version