Lakhimpur: मुख्य समाचार और अपडेट
Lakhimpur: बुधवार को पड़ताल में सामने आया कि कई इलाकों में लोहे की पुरानी पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही हैं। इनके जोड़ खुलने से नालियों का गंदा पानी पाइप में मिल जाता है। नौरंगाबाद, प्यारेपुर, ईदगाह, गोटय्याबाग, अर्जुजनपुरवा, कमलापुर और शिव कॉलोनी में यह समस्या गंभीर है। जमीनी स्तर पर पाइपलाइन दुरुस्त न होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है।इन मोहल्ले के सूरज गुप्ता, शिवांश, रानू, मुस्कान आदि का कहना है कि लीकेज की शिकायतें महीनों से की जा रही हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। कई बार सड़क खोदकर मरम्मत की गई। फिर भी गंदा पानी आना बंद नहीं हुआ। जलकल विभाग का दावा है कि सभी ओवरहेड टैंकों की सालाना सफाई होती है और पिछली सफाई जून में हुई थी।मोहल्ला गोटय्याबाग में अजय मोटर्स के आगे इरफान ट्राॅली वालों के घर के सामने सड़क पर पाइप लाइन फटी होने से सुबह-शाम सड़क पर पानी भर रहा है और वही पानी वापस पाइप लाइन में पहुंच रहा है। मोहल्ला गोटय्याबाग में कफील के मकान के आगे पाइप लाइन लीकेज पड़ी है, जिसकी शिकायत कई बार की गई। नौरंगाबाद में छायाकुआं के आगे बाथम भवन से लगी नाली से गुजरी पाइप लाइन पर रबर लपेट दी गई है जिससे पानी नलों में वापस घरों में जा रहा है।नौरंगाबाद में प्रमुख रास्ते पर कोटेदार के कोटे के पास नालियों से गुजरी कपड़े से बांधी गई पाइप लाइन भी काफी समय से इसी अवस्था में है।पानी पीने लायक नहीं है। मजबूरी में बाहर से पानी भरकर लाना पड़ता है। गंदे पानी की समस्या क्षेत्र में बनी रहती है।-सूरज गुप्ता, शिव कॉलोनीकभी पानी साफ तो कभी गंदा आता है। शिकायत करने पर सड़क खोदकर लीकेज ठीक कर दी जाती है लेकिन समस्या बनी रहती है।- सूरज कश्यप, कांशीराम कॉलोनीपेयजल आपूर्ति…- वार्ड – 30-पेयजल कनेक्शन – 22 हजार- पेयजल आपूर्ति के लिए पंप – 40- शहर में ओवरहेड टैंक -14हर वर्ष ओवर हेड टैंक की विधिवत सफाई करवाई जाती है। पिछली बार जून, 2025 में सभी टैंक साफ हुए थे। अब फिर से जून व जुलाई में सफाई होनी है। पानी को साफ रखने के लिए क्लोरिन डोजर भी सभी ओवरहेड टैंक पर लगे हुए हैं। कुछ जगहों पर नहीं लगे थे, वहां नए लगवा दिए गए हैं। जल्द ही उनका इंस्टॉलेशन होना है। रही बात लीकेज की तो उन्हें बराबर सही कराया जाता है।- जितेंद्र सिंह, जेई, जलकल विभाग, नगर पालिकादूषित पानी पीने की वजह से डायरिया, टायफाइड, संक्रमण सहित कई बीमारियों के होने की आशंका होती है। इसलिए पानी को उबालने के बाद ठंडा कर छानकर पीयें।- डाॅ. रोहित पाठक, फिजिशियन जिला अस्पताल
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