CRPF: विधानसभा चुनाव के बीच सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियां रद्द, फौरन ड्यूटी पर लौटने का आदेश

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CRPF: विधानसभा चुनाव के बीच सीआरपीएफ जवानों की छुट्टियां रद्द, फौरन ड्यूटी पर लौटने का आदेश: ताजा अपडेट

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CRPF:: मुख्य समाचार और अपडेट

CRPF:: सीआरपीएफ महानिदेशालय द्वारा दो अप्रैल को जारी आदेशों में कहा गया है कि छुट्टी से वापस लौटने का आदेश (कोबरा को छोड़कर) बल के सभी सेक्टरों के लिए जारी हुआ है। सभी जोन और फोरमेशन (महानिदेशालय को छोड़कर) भी उक्त आदेश के दायरे में आएंगे। आदेश में कहा गया है कि अप्रैल और मई में पांच राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर हो रही केंद्रीय बलों की तैनाती के मद्देनजर जवानों को छुट्टी से वापस बुलाया जा रहा है।सीएपीएफ के पूर्व कार्मिकों का कहना है कि उन्हें छुट्टी रद्द करने का कोई कारण समझ नहीं आ रहा। एक तो जवानों को बड़ी मुश्किल से छुट्टियाँ मिलती हैं और अब उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बल में सौ दिन की छुट्टियों का वादा अभी तक पूरा नहीं हो सका। इस तरह छुट्टी रद्द करना, ये आदेश उसी वक्त जारी किए जाते हैं, जब देश में युद्ध की स्थिति हो या कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आई हो।महानिदेशालय की तरफ से कहा गया है कि चुनाव संपन्न होने तक कोई नई छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी। केवल आपातकालीन स्थिति में ही छुट्टी मिलेगी। सीआरपीएफ में लगातार दूसरे साल ‘समर चेन ट्रांसफर’ पर रोक लगाई गई है। पिछले साल मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चलते तबादलों पर रोक लगाई गई थी। इस बार पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के कारण 3.25 लाख की संख्या वाले बल ‘सीआरपीएफ’ में ट्रांसफर प्रक्रिया को 15 मई तक स्थगित किया गया है। जितने भी कार्मिकों या एग्जीक्यूटिव अधिकारियों का तबादला हुआ है, उन्हें रिलीव करने पर रोक लगा दी गई है। ये आदेश मार्च के तीसरे सप्ताह में जारी किए गए थे। उनमें कहा गया है कि सीआरपीएफ के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी, जो उक्त आदेश के जारी होने तक अपनी वर्तमान पोस्टिंग से रिलीव नहीं हुए थे, उन्हें आगामी आदेशों तक अपने पहले वाले स्थान पर ही रहने के लिए कहा गया है।पांच राज्यों के चुनाव में इस बार अधिक संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की जा रही है। तीन लाख से अधिक जवानों को चुनावी ड्यूटी पर भेजा गया है। केंद्रीय बलों की सबसे ज्यादा तैनाती पश्चिम बंगाल में की गई है। वहां पर केंद्रीय बलों की 2400 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। राज्य में वोटों की गिनती के बाद भी केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है कि चुनावी नतीजों के बाद वहां पर किसी तरह की कोई हिंसात्मक घटना न हो। पश्चिम बंगाल में चार मई को नतीजे आएंगे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के अलावा राज्य सशस्त्र पुलिस और इंडिया रिजर्व बटालियनों को भी चुनावी राज्यों में लगाया गया है।बता दें कि चुनावी राज्यों में केंद्रीय बलों की तैनाती की प्रक्रिया फरवरी में शुरु हो गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 480 कंपनियों की तैनाती का आदेश जारी किया था। इसमें सीआरपीएफ की 230, बीएसएफ की 120, सीआईएसएफ की 37, आईटीबीपी की 47 और एसएसबी की 46 कंपनियों की रवानगी की गई। मार्च के तीसरे सप्ताह में निर्वाचन आयोग ने केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 1920 कंपनियां भेजने का आदेश दिया। ये कंपनियां, चुनाव के चरणों के मुताबिक, संबंधित राज्यों में पहुंचेंगी। चुनाव के पहले, दूसरे और तीसरे चरण में करीब 900 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। बंगाल में 200 कंपनियां स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटरों पर तैनात होंगी। इसके अलावा 500 कंपनियां, नतीजों के बाद भी वहीं रहेंगी। ये कंपनियां, कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग देंगी।

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