नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025 — एक संगठित अपराधी गिरोह जिसने प्रसिद्ध नेटफ्लिक्स सीरीज़ “मनी हीस्ट” से प्रेरित होकर खुद को ‘प्रोफेसर’, ‘अमांडा’ और ‘अब्बास’ नामों से प्रस्तुत किया, उसने देश भर में बैचना शुरू किया ₹150 करोड़ का elaborate स्कैम। इस गिरोह के जरिये सोशल मीडिया व व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर 300 से अधिक लोगों को फंसाया गया, और साथ में एक अन्य ₹23 करोड़ का ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया है। यह दिल्ली मनी हीस्ट गैंग ने अपनी पहचान बना ली है।
🕵️ गिरोह की कार्यप्रणाली व नामकरण
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरोह ने जान-बूझकर नेटफ्लिक्स सीरीज़ की तरह अटका-चक प्रक्रिया अपनाई। गिरोह के नामांकन से ही उनकी मंशा स्पष्ट थी कि वे सामान्य रास्तों से बाहर काम कर रहे हैं। मुख्य आरोपी अर्पित (वकील) ने ‘प्रोफेसर’ का नाम लिया, कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स धारक प्रभीर वाजपेयी ‘अमांडा’ बने, और अब्बास खुद को ‘फ्रेडी’ कहने लगा।
वे सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर शेयर किए गए छिपे ग्रुप्स में निवेश का झांसा देते,
“दो दिन में दोगुना रिटर्न” जैसे वादे देकर लोगों को आकर्षित करते।
लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ा निवेश करता, उसकी अनुमति बंद हो जाती; पैसे निकालने जाते तो उसे और जमा करने के लिए मजबूर किया जाता।
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🌐 अपराध का दायरा और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
पुलिस ने बताया कि देश के कई हिस्सों से फ्रॉड हुआ — अपराध ने नं 300 से अधिक पीड़ित बनाए। कुछ स्थानों पर गिरोह की पहुँच नोएडा, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी तक थी। जांच में यह भी सामने आया है कि चीनी संदिग्ध इस नेटवर्क से जुड़े थे।
पुलिस ने अभी तक 11 मोबाइल, 17 SIM कार्ड, 12 बैंक पासबुक – चेकबुक, 32 डेबिट कार्ड्स और व्हाट्सअप चैट्स व ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट्स बरामद किए हैं।
👮 एफआईआर व गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने प्रमुख तीन आरोपियों — अर्पित, प्रभीर व अब्बास — को गिरफ्तार कर लिया है। अब अन्य सहयोगियों व अन्तरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश की जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अभी जांच चल रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
📉 वित्तीय व सामाजिक प्रभाव
यह स्कैम सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि सामाजिक भरोसे को भी झटका है। उस पर दिल्ली मनी हीस्ट गैंग का नामांकन ऐसा था कि लोगों ने इसे एक मनोरंजन-प्रेरित अपराध की तरह देखा।
विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला बैंक-वित्त नियमों, निवेश जागरुकता और साइबर सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करता है।
🔐 निष्कर्ष
आज का दिल्ली मनी हीस्ट गैंग का खुलासा यह दिखाता है कि अपराधी लगातार नई तरकीबें अपना रहे हैं — उन्होंने मनोरंजन से प्रेरणा ली, सोशल मीडिया का सहारा लिया और बड़ी मात्रा में लोगों को लूटा।
हमें सतर्क रहने, निवेश से पहले अच्छी जाँच करने, और अनजान ग्रुप्स या वादों से दूर रहने की आवश्यकता है।
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📄 स्रोत: NDTV – “Professor, Amanda And Abbas: Delhi’s ‘Money Heist’ Gang Steals Rs 150 Crore”

