...

Gig Worker Safety Row: मोदी सरकार के फैसले से खुश हुए गिग वर्कर्स,AAP सांसद राघव चड्ढा ने किया धन्यवाद!

josephben1999gd@gmail.com
4 Min Read
Gig Worker Safety Row: मोदी सरकार के फैसले से खुश हुए गिग वर्कर्स,AAP सांसद राघव चड्ढा ने किया धन्यवाद!: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Gig Worker

Meta Description: Gig Worker News: Gig Worker Safety Row: मोदी सरकार के फैसले से खुश हुए गिग वर्कर्स,AAP सांसद राघव चड्ढा ने किया धन्यवाद! – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: gig worker-gig-worker-safety-row-gig-workers-happy-with-modi-government-s-decision-aap-mp-raghav-chadha-thanks-them-2026-01-14

Gig Worker: मुख्य समाचार और अपडेट

Gig Worker: गिग वर्कर्स (जैसे Zomato, Swiggy, Blinkit के डिलीवरी पार्टनर्स और Ola/Uber ड्राइवर्स) के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code, 2020) के तहत नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। यह पहली बार है जब भारत में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को आधिकारिक तौर पर श्रम कानूनों के दायरे में लाया गया है।

सरकार ने लाभ पाने के लिए काम के दिनों की एक न्यूनतम सीमा तय की है यदि आप केवल एक कंपनी (जैसे सिर्फ Zomato) के साथ काम करते हैं, तो आपको एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिन काम करना अनिवार्य होगा।

Gig Worker: घटना का पूरा विवरण

यदि आप कई ऐप्स (जैसे Swiggy और Blinkit दोनों) पर काम करते हैं, तो कुल मिलाकर 120 दिन का काम जरूरी है। यदि आपने किसी दिन केवल 1 रुपया भी कमाया है, तो उसे एक ‘वर्किंग डे’ (काम का दिन) गिना जाएगा।

एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप में, केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रमुख कंपनियों (जैसे Blinkit, Zepto, Zomato) ने अपने ’10 मिनट में डिलीवरी’ के वादे को ब्रांडिंग से हटाने का निर्णय लिया है। गिग वर्कर्स पर समय का दबाव कम करना और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को घटाना।

- Advertisement -

डिजिटल आईडी: सभी पात्र गिग वर्कर्स को सरकार द्वारा एक डिजिटल पहचान पत्र (Universal Account Number) दिया जाएगा। 16 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी गिग वर्कर आधार के माध्यम से ‘ई-श्रम’ पोर्टल पर पंजीकरण करा सकता है। अब एग्रीगेटर कंपनियों (Aggregators) के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने साथ काम करने वाले वर्कर्स का डेटा सरकार के साथ साझा करें।

सरकार एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष बनाएगी, जिसमें पैसा यहाँ से आएगा एग्रीगेटर कंपनियों को अपने सालाना टर्नओवर का 1% से 2% या गिग वर्कर्स को किए जाने वाले भुगतान का 5% तक इस फंड में जमा करना होगा। इस फंड का उपयोग वर्कर्स के लिए दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य लाभ (आयुष्मान भारत के तहत), मातृत्व लाभ और वृद्धावस्था सुरक्षा (पेंशन) के लिए किया जाएगा।

कंपनियों को अब आंतरिक विवाद समाधान समितियां (Internal Dispute Resolution Committees) बनानी होंगी। श्रमिकों की आईडी को बिना किसी ठोस कारण या बिना सूचना के ब्लॉक करने पर रोक लगाने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इन सभी नियमों को 1 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में एक साथ लागू करना है। फिलहाल इन ड्राफ्ट नियमों पर जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Leave a comment

Please Login to Comment.

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.