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Meta Description: Heart News: Heart Attack: अचानक क्यों बढ़े हार्ट अटैक के मामले? 40 से कम उम्र के लोगों को बड़ा खतरा; सिर्फ सात आदतें बदलें – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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Heart: मुख्य समाचार और अपडेट
Heart: कम नींद, तनाव और कोलेस्ट्रॉल। हार्टअटैक की ये तीन बड़ी वजह बन रही हैं। धूम्रपान-एल्कोहल की लत है तो इससे खतरा तीन गुना और है। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले हार्टअटैक के 40 फीसदी मरीजों में यही वजह मिल रही हैं। और पढ़ें Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर ने बताया के ओपीडी में रोजाना 120 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि इनमें 35 साल से कम उम्र के मरीजों की संख्या बीते साल भर में डेढ़ गुना हो गई है। मरीजों से पूछताछ में पाया कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप पर कार्य करते हैं। औसतन रोजाना 5 घंटे सोते हैं, कई बार बीच में भी नींद खुल जाती है। सप्ताह में तीन से पांच दिन तले हुआ और बाजार में बनी खाद्य सामग्री उपयोग करते हैं। धूम्रपान-शराब भी पी लेते हैं। इसके चलते इनमें कार्डियक अरेस्ट भी हो रहा है। कॅरिअर, नौकरी, कार्य का दबाव, आर्थिक समस्याओं के कारण तनाव में भी रहते हैं। बाहरी खानपान से वसा जमने से नलिकाएं संकुचित हो जाती हैं। तनाव से नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लॉकेज होने से हार्टअटैक के मरीज आ रहे हैं। विज्ञापन विज्ञापन
Heart: घटना का पूरा विवरण
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वसंत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी में हार्ट अटैक के रोजाना 20-25 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें से इनमें 40 साल से कम उम्र के मरीज करीब 50 फीसदी हैं। अधिकांश में मोटापा धूम्रपान, नींद कम लेना, तनाव और खराब फिटनेस मिल रही है। इनमें 25 फीसदी में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की भी समस्या मिली। कैथ लैब में भी अभी तक 1100 ऑपरेशन हो चुके हैं, इनमें भी युवाओं की संख्या आधी है।
सदर निवासी 32 साल का युवक निजी कंपनी में काम करते हैं। नाश्ता और लंच बाहर से करते हैं। हर दिन 3-5 सिगरेट और रात को एल्कोहल की आदत है। देर रात तक जागते हैं। मोटापा बढ़ गया। इसे बीमारी नहीं समझ रहे थे, यहां तक कि मधुमेह की जद में आ गए। हार्टअटैक आया, एसएन में इलाज कराने के बाद बमुश्किल जान बची।
आवास विकास कॉलोनी के 34 साल का युवक निजी कंपनी में सेल्स विभाग में हैं। खाने-पीने का समय नहीं, दिन-रात कार्य और लक्ष्य को पूरा करने का तनाव रहता है। नींद भी पूरी तरह से नहीं ले पाते। चार साल की नौकरी में घबराहट, पसीना और सीने में दर्द की परेशानी होने लगी। एसएन में जांच कराने पर हृदय रोग मिला।
आवास विकास कॉलोनी के 34 साल का युवक निजी कंपनी में सेल्स विभाग में हैं। खाने-पीने का समय नहीं, दिन-रात कार्य और लक्ष्य को पूरा करने का तनाव रहता है। नींद भी पूरी तरह से नहीं ले पाते। चार साल की नौकरी में घबराहट, पसीना और सीने में दर्द की परेशानी होने लगी। एसएन में जांच कराने पर हृदय रोग मिला।
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