IFR: आईएफआर 2026 में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मु, भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का करेंगी रिव्यू

5 Min Read
IFR: आईएफआर 2026 में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मु, भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का करेंगी रिव्यू: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: IFR:

Meta Description: IFR: News: IFR: आईएफआर 2026 में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मु, भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का करेंगी रिव्यू – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: ifr:-president-murmu-visit-andhra-pradesh-participate-international-fleet-review-2026-02-17

IFR:: मुख्य समाचार और अपडेट

IFR:: Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

आईएनएस विक्रांत रहेगा आकर्षण का केंद्र इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 की शुरुआत मंगलवार को राष्ट्रपति बैंक्वेट से होगी। इसके बाद अगले दिन राष्ट्रपति विशाखापत्तनम तट के पास निर्धारित क्षेत्र में भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का रिव्यू करेंगी।

IFR:: घटना का पूरा विवरण

विज्ञापन विज्ञापन इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहेंगे।

भारतीय नौसेना के अनुसार, यह आयोजन समुद्री शक्ति, आपसी सहयोग और मित्रता को प्रदर्शित करता है, साथ ही यह देश की संप्रभु निगरानी को भी दर्शाता है।

इससे पहले भारत वर्ष 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में आईएफआर का आयोजन कर चुका है।

IFR:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

मित्र देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा। मित्र देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को नजदीक से देखेंगी।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप इंडियन नेवी के अटैकिंग डिटरेंट पोस्चर का मेन हिस्सा था। उसने भारतीय नौसेना की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी मौजूदगी के कारण पाकिस्तान नौसेना रक्षात्मक स्थिति में आने को मजबूर हुई और उसे जल्द युद्धविराम का अनुरोध करना पड़ा।

मिलन 2026 का भी आयोजन आईएफआर 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आम जनता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है।

विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।

मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, बेहतर अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है। इस अभ्यास में बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान चलाए जाएंगे, जिससे सभी देशों की नौसेनाओं को साथ मिलकर काम करने का अनुभव मिलेगा।

इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।

पहला आईएफआर वर्ष 2001 में आयोजित किया गया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन ने आईएनएस सुकन्या से बेड़े का निरीक्षण किया था। दूसरा आईएफआर वर्ष 2016 में विशाखापत्तनम में हुआ था, जिसमें बंगाल की खाड़ी में पहले से कहीं ज़्यादा देशों की नेवी ने हिस्सा लिया था। 50 देशों से कुल मिलाकर लगभग 100 वॉरशिप आए थे। यह भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्धपोतों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आईएनएस सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को दो दिन के दौरे पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम पहुंचेंगी। वे विशाखपत्तनम में आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) में शामिल होंगी। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होती हैं। इसी नाते वह इस कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। आईएफआर, इंटरनेशनल नेवल डेलिगेशन, जहाजों, सबमरीन और एयरक्राफ्ट की एक सेरेमोनियल बैठक है।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version