West Asia Crisis: तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की, इस मुद्दे पर बनी सहमति

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West Asia Crisis: तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की, इस मुद्दे पर बनी सहमति: ताजा अपडेट

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Meta Description: West News: West Asia Crisis: तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की, इस मुद्दे पर बनी सहमति – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

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West: मुख्य समाचार और अपडेट

West: जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में कहा, ‘आज शाम ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बारे में विस्तार से बातचीत हुई। हम संपर्क में रहने पर सहमत हुए।’ ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद करने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। होर्मुज स्ट्रेट, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक पतली शिपिंग लेन है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का लगभग 20 प्रतिशत व्यापार होता है। जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया।इससे पहले विदेश मंत्री ने मंगलवार को जर्मनी और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से फोन पर बात की। भारत पश्चिम एशिया के संकट से निपटने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज कर रहा है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा रहा।जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि इस दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र के बिगड़ते हालात पर अपने विचार साझा किए।इसके बाद जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी चर्चा की। उन्होंने आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया के हालात पर बात की। जयशंकर ने बताया कि इस संकट का ऊर्जा क्षेत्र पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर भी गंभीरता से बात हुई। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उम्मीद जताई कि इस साल होने वाली मुलाकातों से भारत और कोरिया के रिश्ते एक नए स्तर पर पहुंचेंगे।दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अगले दो महीनों के भीतर भारत का दौरा कर सकते हैं। चो ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर सहमत हुए और कहा कि दोनों देशों को रणनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी लगातार संपर्क में रहने पर सहमति जताई है।

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