कानपुर: समलैंगिक प्रेम में फंसाया, खून से मांग भरकर किया ‘निकाह’
- कानपुर की एक किशोरी को पश्चिम बंगाल की एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला ने समलैंगिक प्रेम में फंसा लिया
- आरोपी महिला किशोरी को बहलाकर बंगाल अपने गृह जनपद ले गई, जहां अपने खून से उसकी मांगभर कर निकाह किया
- कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है
कानपुर की एक किशोरी को पश्चिम बंगाल की एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला ने समलैंगिक प्रेम में फंसा लिया और खून से मांग भरकर निकाह किया। यह मामला कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है।
कानपुर पुलिस की जांच
कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला ने किशोरी को बहलाकर बंगाल अपने गृह जनपद ले गई, जहां अपने खून से उसकी मांगभर कर निकाह किया।
कानपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला बहुत ही संवेदनशील है और हम इस मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है, लेकिन विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब मांगा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और आरोपी महिला को गिरफ्तार करना चाहिए।
कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है — कानपुर पुलिस अधिकारी
निष्कर्ष
कानपुर की एक किशोरी को पश्चिम बंगाल की एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला ने समलैंगिक प्रेम में फंसा लिया और खून से मांग भरकर निकाह किया। यह मामला कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र से सामने आया है। कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कानपुर में समलैंगिक प्रेम का मामला क्या है?
कानपुर की एक किशोरी को पश्चिम बंगाल की एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला ने समलैंगिक प्रेम में फंसा लिया और खून से मांग भरकर निकाह किया।
कानपुर पुलिस ने इस मामले में क्या किया?
कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है, लेकिन विपक्षी दलों ने सरकार से जवाब मांगा है।
