Karnataka Fraud: फर्म से छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, इंफोसिस का नाम लेकर फ्रॉड करने वाला आरोपी गिरफ्तार

6 Min Read
Karnataka Fraud: फर्म से छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, इंफोसिस का नाम लेकर फ्रॉड करने वाला आरोपी गिरफ्तार: ताजा अपडेट

SEO MODERATOR PANEL

Focus Keyword: Karnataka

Meta Description: Karnataka News: Karnataka Fraud: फर्म से छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी, इंफोसिस का नाम लेकर फ्रॉड करने वाला आरोपी गिरफ्तार – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

Suggested Slug: karnataka-it-company-defrauded-of-6-crore-one-arrested-accused-posed-as-infosys-officer-2026-04-03

Karnataka: मुख्य समाचार और अपडेट

Karnataka: कर्नाटक से एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि एक व्यक्ति और उसके साथियों के खिलाफ एक आईटी कंपनी से जुड़े होने का झूठा दावा किया। इसके बाद उसके प्रोजेक्टों के लिए सीएसआर फंड दिलाने का वादा करके एक फर्म से 6 करोड़ का धोखाधड़ी किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि यह अपराध 1 सितंबर, 2025 और 20 मार्च, 2026 के बीच हुआ था, और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद कंपनी ने यहां देवनहल्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि मैसूर मर्केंटाइल कंपनी की शिकायत के बाद 30 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि गगन एन दीप नामक एक व्यक्ति ने इंफोसिस लिमिटेड में क्षेत्रीय प्रमुख (सीएसआर) बनकर उनसे संपर्क किया था। एफआईआर के अनुसार, दीप ने दावा किया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों – हर्ष जे, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक – अवसंरचना, सुविधा संचालन, जनसंपर्क और सीएसआर कार्य, और नीलाद्री प्रसाद मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख – वैश्विक अवसंरचना और जलवायु कार्रवाई – को रिपोर्ट करता था।

Karnataka: घटना का पूरा विवरण

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने अपने संबद्ध ट्रस्ट, हेग्गुंजे राजीव शेट्टी चैरिटेबल ट्रस्ट, बेंगलुरु की गतिविधियों में रुचि व्यक्त की और इंफोसिस लिमिटेड से सीएसआर फंड की सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसमें आगे कहा गया है कि आरोपियों ने इंफोसिस का प्रतिनिधित्व करने वाले चार से पांच व्यक्तियों की एक टीम है।, जिनमें चेतन और तेजस के रूप में पहचाने गए व्यक्ति शामिल थे। ट्रस्ट की गतिविधियों का सत्यापन करने के लिए उडुपी, मंगलुरु और अन्य स्थानों पर भेजा था।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बाद में शिकायतकर्ता को सीएसआर अनुदान की मंजूरी की शर्त के रूप में इंफोसिस के कथित नियमित विक्रेताओं को बयाना राशि (ईएमडी) का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुल 6 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें अनीता वेंचर्स के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 1.75 करोड़ रुपये और एएनएस इंजीनियरिंग के पक्ष में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 3.75 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, आरोपी के निर्देशानुसार, उसके ड्राइवर के माध्यम से देवनहल्ली स्थित नंदी उपचार होटल के पास आरोपी को कथित तौर पर 30 लाख रुपये का अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया था।

यह भी पढ़ें- Election Campaigning: तमिलनाडु-पुदुचेरी में BJP का तूफानी चुनाव प्रचार, आज रोड शो और जनसभाएं करेंगे पीएम मोदी

एफआईआर में आगे आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 21 अक्तूबर, 2025 की एक कथित स्वीकृति पत्र जारी किया, जो कथित तौर पर इंफोसिस की ओर से मिश्रा के हस्ताक्षर वाला था, और 8 जनवरी, 2026 को इंफोसिस और धर्मार्थ ट्रस्ट के बीच कर्नाटक भर में 855 से अधिक घरों के निर्माण के लिए 179 करोड़ रुपये के कुल अनुदान के साथ एक अनुदान समझौता निष्पादित किया। इसमें कहा गया है कि राज्य भर में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों के निर्माण के लिए 13 जनवरी, 2026 को एक अन्य अनुदान समझौता भी निष्पादित किया गया था, जिसके तहत कुल 178 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता को बाद में संदेह हुआ कि आरोपी की ओर से किए गए दावे झूठे थे। दस्तावेज मनगढ़ंत थे और पूरा लेन-देन धोखाधड़ी से प्रेरित था, क्योंकि आरोपी ने बेईमानी से उन्हें सीएसआर अनुदान के लिए ईएमडी के बहाने बड़ी रकम देने के लिए प्रेरित किया था।

एफआईआर में आगे कहा गया है, “बार-बार संपर्क करने के बावजूद न तो कोई अनुदान दिया गया है और न ही राशि वापस की गई है। इसके साथ ही आरोपी अब अनुत्तरदायी है और जानबूझकर संचार से बच रहा है।” पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 316(2) (आपराधिक विश्वासघात), धारा 319(2) (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), धारा 336(3) (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) शामिल हैं, और मामले की आगे की जांच जारी है। उन्होंने आगे बताया कि मामले में संदिग्धों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।


ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।

मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)

Exit mobile version