लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार मगल गंज छात्रों ने जीता

Deepak Pandit
By Deepak Pandit 4 Min Read
लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले मगल गंज के होनहार छात्र

लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले मगल गंज के होनहार छात्र

लखीमपुर खीरी जिले के लिए यह गर्व का क्षण है। मगल गंज के छात्रों ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया है। यह उपलब्धि न केवल स्कूल के लिए बल्कि पूरे जिले के शैक्षिक स्तर को दर्शाती है, और साबित करती है कि प्रतिभा छोटे शहरों में भी अपनी पहचान बना सकती है।

यह पुरस्कार समारोह हाल ही में दिल्ली में आयोजित किया गया था, जहाँ देश भर के मेधावी छात्र अपनी गणना कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए थे।

राष्ट्रीय स्तर पर लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार प्रतियोगिता का आयोजन

यह प्रतियोगिता देश भर के हजारों छात्रों के बीच आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच प्राचीन भारतीय गणित तकनीकों (वैदिक गणित) को बढ़ावा देना था, जो कम समय में जटिल गणनाएं करने में सक्षम बनाता है। मगल गंज के छात्रों ने अपनी तेज गणना और उच्च सटीकता से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। छात्रों ने ‘ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम्’ और ‘एकाधिकेन पूर्वेण’ जैसे सूत्रों का शानदार उपयोग किया।

विजेताओं की सूची और उनका प्रदर्शन: लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार

मगल गंज के छात्रों ने अलग-अलग वर्गों में प्रतिस्पर्धा की और उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित किया कि लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार का खिताब जिले को मिले।

- Advertisement -

राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले विजयी छात्र:

  1. श्रेयांस वर्मा: जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक (सबसे तेज गणना के लिए)।
  2. अंजलि गुप्ता: इंटरमीडिएट वर्ग में प्रथम स्थान (सूत्रों का सटीक और रचनात्मक अनुप्रयोग)।
  3. रोहित यादव: सीनियर वर्ग में रजत पदक (जटिल बीजगणितीय समस्याओं का त्वरित समाधान)।

स्कूल प्रबंधन ने इन छात्रों की कड़ी मेहनत और शिक्षकों, विशेषकर गणित विभाग के प्रमुखों के मार्गदर्शन की सराहना की है। इन छात्रों की सफलता ने स्थानीय स्तर पर वैदिक गणित सीखने की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है।

वैदिक गणित का महत्व और भविष्य की दिशा

वैदिक गणित, जो 16 सूत्रों और 13 उप-सूत्रों पर आधारित है, गणना को सरल और मनोरंजक बनाता है। यह छात्रों की एकाग्रता, स्मृति और तार्किक शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है। आधुनिक शिक्षा में इस प्राचीन ज्ञान को शामिल करना समय की मांग है।

इस जीत का शैक्षिक प्रभाव: लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार की प्रेरणा

इस राष्ट्रीय पहचान के बाद, जिले के अन्य स्कूलों में भी वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में शामिल करने और विशेष कक्षाएं शुरू करने की प्रेरणा बढ़ी है। यह जीत साबित करती है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी सही मार्गदर्शन मिलने पर राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं। यह लखीमपुर वैदिक गणित राष्ट्रीय पुरस्कार केवल एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है कि वे अपनी पारंपरिक जड़ों से जुड़कर राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।

स्रोत और संबंधित लिंक:
वैदिक गणित पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण की जानकारी
लखीमपुर की अन्य शैक्षिक उपलब्धियों से संबंधित खबरें

By Deepak Pandit Author/Publisher
Follow:
Deepak Pandit एक अनुभवी पत्रकार और UPKhabarHindi.com के संस्थापक हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारत से जुड़ी सैकड़ों खबरें कवर की हैं। 166K+ फेसबुक फॉलोअर्स के साथ Deepak Pandit डिजिटल मीडिया में एक विश्वसनीय नाम हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और जनहित की पत्रकारिता करना है। 📧 deepak@upkhabarhindi.com | 🌐 UPKhabarHindi.com