SEO MODERATOR PANEL
Focus Keyword: Maharashtra:
Meta Description: Maharashtra: News: Maharashtra: अजित पवार के उत्तराधिकारी की चर्चा पर क्यों भड़के संजय राउत? बोले- राजनीति नहीं, इंसानियत जरूरी – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
Suggested Slug: maharashtra:-maharashtra-politics-sanjay-raut-lashed-out-about-ajit-pawar-successor-says-humanity-is-important-2026-01-30
Maharashtra:: मुख्य समाचार और अपडेट
Maharashtra:: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष अजित पवार के असामयिक निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज है। इसी बीच उत्तराधिकारी और नेतृत्व को लेकर उठ रही चर्चाओं पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में नेतृत्व की बात करना अमानवीय है और यह इंसानियत के खिलाफ है।
अजित पवार के निधन से एनसीपी में नेतृत्व का बड़ा खालीपन।
Maharashtra:: घटना का पूरा विवरण
पार्टी के भीतर भविष्य को लेकर चिंता और अलग-अलग राय।
कुछ नेताओं द्वारा सुनेत्रा पवार को कैबिनेट में लाने की मांग।
एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार) के संभावित विलय की चर्चा तेज।
Maharashtra:: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलें।
संजय राउत ने कहा कि जिस परिवार ने अपना मुखिया खोया हो, उसकी पीड़ा अभी ताजा हो, तब सत्ता और पद की चर्चा करना शून्य संवेदनशीलता दिखाता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी मंत्री या विधायक ने यह मुद्दा उठाया है, तो उसमें मानवता का अभाव है। राउत के मुताबिक, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का दुख अभी आंखों में है और ऐसे वक्त में राजनीति नहीं होनी चाहिए।अजित पवार के निधन के एक दिन बाद एनसीपी के कुछ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग उठाई। कुछ नेताओं ने यह भी सुझाव दिया कि पार्टी की कमान उन्हें सौंपी जानी चाहिए। एनसीपी इस समय भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा है। सुनेत्रा पवार पहले बारामती से लोकसभा चुनाव हार चुकी हैं और फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं, जबकि अजित पवार बारामती से विधायक थे।संजय राउत ने इस पूरी बहस को समय से पहले और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि किसी नेता के निधन के तुरंत बाद उत्तराधिकारी तय करने की होड़ राजनीतिक असंवेदनशीलता को दिखाती है। राउत ने यह भी इशारा किया कि ऐसे मुद्दों पर जल्दबाजी से पार्टी और राज्य दोनों में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।
विलय की अटकलें और आगे का रास्ता
अजित पवार के जाने के बाद एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विलय की चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं। हालांकि इस पर कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है। संजय राउत का कहना है कि ऐसे फैसलों के लिए समय और परिपक्वता जरूरी है। फिलहाल प्राथमिकता शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े होने और राजनीतिक संयम दिखाने की होनी चाहिए।
संबंधित जानकारी (Background):
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश (UP News) का विकिपीडिया पेज देखें।
ताजा खबरों के लिए upkhabarhindi.com के साथ बने रहें।
मूल खबर यहाँ पढ़ें (Read Original)
