Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार पर 9.32 लाख करोड़ का कर्ज, धर्म परिवर्तन विरोधी कानून को कैबिनेट की हरी झंडी

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Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार पर 9.32 लाख करोड़ का कर्ज, धर्म परिवर्तन विरोधी कानून को कैबिनेट की हरी झंडी: ताजा अपडेट

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राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी 2.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो निर्धारित सीमाओं में है। सेवा क्षेत्र में 9 प्रतिशत की उच्चतम वृद्धि का अनुमान है। महाराष्ट्र पर कर्ज के बढ़ते बोझ के बावजूद आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में शानदार आर्थिक मजबूती की तस्वीर दिखाई गई है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महाराष्ट्र का सबसे अधिक 14 प्रतिशत योगदान है। वहीं, देश में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का 31 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र में आया। स्टार्टअप की संख्या में भी राज्य का देश में सबसे अधिक 17 प्रतिशत हिस्सा रहा। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि में राज्य का देश में तीसरा स्थान पर है। विज्ञापन विज्ञापन महाराष्ट्र का सार्वजनिक कर्ज वित्त वर्ष 2024-2025 में बढ़कर 9.32 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। यह पिछले वर्ष के 8.39 लाख करोड़ रुपये से 18.3 प्रतिशत अधिक है। बृहस्पतिवार को विधानसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वे में यह आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, कर्ज के बावजूद राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 7.9 फीसदी रहने का अनुमान है। जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.4 प्रतिशत वृद्धि होने की उम्मीद है। कर्ज के बोझ के बावजूद महाराष्ट्र देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। विधानसभा में वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किया। इसमें ऋण राशि 9,32,242 करोड़ रुपये (बजट अनुमान) है, जबकि देय ब्याज 64,659 करोड़ रुपये है।

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महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन विरोधी कानून को कैबिनेट की हरी झंडी

महाराष्ट्र में जबरन धर्म परिवर्तन और ‘लव जिहाद’ जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रस्तावित विधेयक के मसौदे को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ‘फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 2026’ मंजूर किया गया। इसके तहत किसी भी धर्म में परिवर्तित होने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति को दबाना, लालच या धोखे से धर्म बदलने से रोकना है। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद अब इस विधेयक को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। विधानसभा और विधान परिषद में पारित होने के बाद यह कानून बन जाएगा। मंत्री नितेश राणे ने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विधेयक में दिए गए प्रावधानों के बारे में बताया गया है कि जो व्यक्ति धर्म परिवर्तन करना चाहता है उसे पहले 60 दिन का नोटिस देना होगा और सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

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अजीत पवार विमान हादसा: वेंचर्स के मालिक से सीआईडी की पूछताछ महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने बृहस्पतिवार को वीएसआर वेंचर्स के मालिक वीके सिंह से पूछताछ की। इसी कंपनी का विमान 28 जनवरी को बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। सीआईडी अधिकारी ने बताया कि वीके सिंह का बयान दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या यह हादसा किसी साजिश या आपराधिक लापरवाही का नतीजा था। इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में खराब दृश्यता और रनवे की जर्जर स्थिति को हादसे का कारण बताया गया था। इस बीच, राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि किसी के द्वारा वीएसआर वेंचर्स को बचाने की कोशिश की जा रही है।

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