मोदी वोटों के लिए स्टेज पर नाच भी सकते हैं: राहुल गांधी का बिहार में हमला – जानिए पूरी खबर

By Deepak Pandit 5 Min Read
मुजफ्फरपुर रैली में राहुल गांधी नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए

पटना, 29 अक्टूबर 2025 —

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार-अभियान के बीच आज एक तेज़ी से उभरता सियासी विवाद सामने आया है। राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर में आयोजित एक चुनावी सभा में नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला और कहा कि “अगर आप नरेंद्र मोदी से कहेंगे कि वोटों के लिए मंच पर नाचो, तो वे नाच भी सकते हैं”। 

🔍 “मोदी वोट नाच सकते हैं” — क्या कहा राहुल ने?

रैली में राहुल गांधी ने मंच पर कहाकि, “मोदी जी आप स्टेज पर आइए और नाच कीजिए… वोट के लिए कुछ भी किया जा सकता है”। उन्होंने प्रधानमंत्री और साथ-ही में नीतीश कुमार को निशाने पर लिया तथा भाजपा-जदयू गठबंधन पर तंज कसा कि उनकी सरकार ने बिहार के गरीब, पिछड़े और युवाओं को ठगा है। 

राहुल ने विशेष रूप से यह आरोप लगाया कि छठ पूजा के पीछे सांस्कृतिक आस्था नहीं, बल्कि वोट-खोज है। उन्होंने कहा कि “यमुना में नहा रहे लोग, जबकि मोदी स्विमिंग-पूल में नहाते हैं… छठ पूजा या बिहार से उनका कोई गहरा संबंध नहीं; उनका मकसद सिर्फ वोट है।” 

🧭 चुनावी रणनीति का नया मोड़

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि विपक्ष अब भाजपा पर सिर्फ नीति-चिंतन के आधार पर नहीं बल्कि राजनीतिक छवि और ‘लाइव स्टेज ड्रामा’ को निशाना बना रहा है। “मोदी वोट नाच सकते हैं” जैसी उक्ति से राहुल गांधी ने इस चुनावी युद्ध को मनोरंजन-मंच की तरफ़ मोड़ने की कोशिश की है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस रणनीति के पीछे तीन उद्देश्य हो सकते हैं:

  • भाजपा की स्टार प्रचारक छवि को काल्पनिक लगाना,
  • युवा और शहरी मतदाताओं को जोड़ना जो बैनल-टिक व्यवहार से उपद्रवित हैं,
  • और बिहार में महागठबंधन को एक नए नरेटिव (कहानी) के साथ पेश करना।

📣 जवाबी हमले की तैयारी

भाजपा ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता ने राहुल के इस बयान को “हास्यास्पद” और “असंवेदनशील” बताया, साथ ही कहा कि कांग्रेस नेता “प्रचार की तरह ड्रामा ही कर रहे हैं” और असल में विकास की बात नही कर रहे। 

इस बीच, बिहार की सियासी हलचल तेज हो गई है क्योंकि चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए गए ‘66 लाख नाम हटाए गए’ जैसे आरोप भी गूंज रहे हैं। 

📊 राहुल-तेजस्वी की जोड़ी का महागठबंधन पर असर

रैली में राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव भी थे, जिन्हें महागठबंधन का मुखिया माना जा रहा है। उन्होंने खुद को “बिहार के लाल” के रूप में पेश किया। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि महागठबंधन किसी एक जात-धर्म के लिए नहीं बल्कि “सभी वर्ग-धर्म का” प्रतिनिधित्व करेगा। 

माना जा रहा है कि इस तरह का बयान महागठबंधन को जोड़ने के लिए था, लेकिन इसके साथ भाजपा को भी मौका मिला है कि वे इसे ‘विरोधी-प्रचार’ कहकर पलटें।

🔮 आगे क्या होगा?

  • बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में होंगे — पहले चरण में 6 नवंबर, दूसरे में 11 नवंबर तथा गिनती 14 नवंबर को होगी।  
  • अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या यह बयान भाजपा-विरोधी माहौल को तेज करेगा या विपक्ष को वोट-संवाद में मदद देगा।
  • इसके अतिरिक्त, छठ पूजा जैसे सांस्कृतिक विषयों को चुनावी प्लेटफार्म पर लाना नए फॉर्मेट का परिचायक बन गया है — जहाँ भावनात्मक और पहचान-आधारित राजनीति पर जोर हो रहा है।

🧠 क्यों मायने रखता है यह बयान?

  1. मीडिया-सफरिय कार्यक्रमों में बढ़ोतरी — नेताओं का मंच-इवेंट अधिक रणनीतिक हो गया है।
  2. नरेटिव-शिफ्ट — अब ‘विकास’ के बजाय ‘प्रदर्शन’ पर सवाल उठा रहे हैं।
  3. युवाओं और शहरी वर्ग को टारगेट — जो ‘स्टेज ड्रामा’ से प्रभावित होते हैं।
  4. संस्कृति-वोटिंग का प्रयोग — जैसे छठ पूजा का जिक्र कर भाजपा की छवि पर हमला।

🧩 निष्कर्ष

“मोदी वोट नाच सकते हैं” — इस उक्ति ने बिहार चुनावी रणभूमि को एक नए रंग में ला दिया है। यह बताता है कि इस बार मुकाबला सिर्फ पॉलीटिका या इकोनॉमी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छवि, इवेंट, पहचान और संस्कृति के प्लेटफार्म पर भी होगा। आगामी दिनों में इस बयान-बाजी से कितनी गर्माहट आती है और प्रभाव किस ओर जाता है — यह बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

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Deepak Pandit एक अनुभवी पत्रकार और UPKhabarHindi.com के संस्थापक हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारत से जुड़ी सैकड़ों खबरें कवर की हैं। 166K+ फेसबुक फॉलोअर्स के साथ Deepak Pandit डिजिटल मीडिया में एक विश्वसनीय नाम हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और जनहित की पत्रकारिता करना है। 📧 deepak@upkhabarhindi.com | 🌐 UPKhabarHindi.com
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