मोहम्मद सुहैल खान, जिसका नाम देश के एक बड़े रासायनिक/जैविक (Ricin) आतंकी हमले की साजिश में सामने आया है, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का निवासी है। गुजरात एटीएस ने उसे नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS-Khorasan Province (ISKP) के एक खतरनाक मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ।
📍 मोहम्मद सुहैल खान कौन है, और उसका गृह-नगर कहाँ है?
मोहम्मद सुहैल खान (23 वर्ष) लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बा (वार्ड नंबर एक) का रहने वाला है।
• पृष्ठभूमि: वह एक छात्र है। उसके पिता सलीम एक ट्रैक्टर मैकेनिक हैं।
• शिक्षा का बहाना: लगभग तीन साल पहले, सुहैल अपने घर से मुजफ्फरनगर (यूपी) में दीनी तालीम (हाफिज की पढ़ाई) लेने के नाम पर गया था।
• परिवार का पक्ष: परिवार के सदस्यों को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी और उन्होंने उसकी गिरफ्तारी पर विश्वास नहीं जताया।
🔗 सुहैल आतंकी मॉड्यूल में कैसे शामिल हुआ?
खुफिया एजेंसियों की शुरुआती जाँच के अनुसार, सुहैल और उसके एक साथी को ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी बनाया गया था, जिसके बाद वे ISKP मॉड्यूल का हिस्सा बन गए।
• रेडिकलाइज़ेशन: सुहैल और शामली के एक अन्य आरोपी, आज़ाद सुलेमान शेख (20), कथित तौर पर ऑनलाइन माध्यम से कट्टरपंथी बनाए गए।
• ट्रेनिंग और संपर्क: दोनों एक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे और उससे पिछले डेढ़ साल से निर्देश ले रहे थे।
• गिरफ्तारी: सुहैल को गुजरात एटीएस ने बनसकांठा जिले से तब गिरफ्तार किया, जब वह अन्य आरोपियों को हथियार और कारतूस सप्लाई कर रहा था।
🧪 ‘रिसिन जहर’ क्या है और हमले में सुहैल की क्या भूमिका थी?
यह आतंकी मॉड्यूल रिसिन (RicIN) नामक दुनिया के सबसे खतरनाक जहर का उपयोग करके सामूहिक हत्याओं की साजिश रच रहा था।
• रिसिन का स्रोत: रिसिन को अरंडी (Castor) के बीजों से निकाला जाता है।
• सामग्री की सप्लाई: सुहैल और आज़ाद कथित तौर पर मुख्य आरोपी डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद (MBBS, चीन से पढ़ा हुआ) को हथियार और केमिकल की सप्लाई कर रहे थे, जिसका उपयोग रिसिन बनाने के लिए किया जाना था।
• सबूत: एटीएस ने मुख्य आरोपी की कार से 4 लीटर अरंडी का तेल और रिसिन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल/सामग्री बरामद किए हैं।
• भूमिका: सुहैल खान कथित तौर पर मॉड्यूल के लिए हथियारों की तस्करी और रेकी में शामिल था।
🗺️ सुहैल ने किन संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी?
सुहैल और उसके साथी (आज़ाद सुलेमान शेख) ने हमले को अंजाम देने के लिए देश के कई प्रमुख और संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी।
• लखनऊ: विशेष रूप से RSS कार्यालय जैसे संवेदनशील स्थानों की रेकी की गई।
• दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले आज़ादपुर फल मंडी सहित कई संवेदनशील इलाकों की रेकी।
• अहमदाबाद: अहमदाबाद के नरोदा स्थित फल मंडी की रेकी।
• कश्मीर दौरा: आरोपियों ने पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद कश्मीर का दौरा किया था ताकि संभावित लक्ष्यों की पहचान कर सकें।
🇵🇰 ड्रोन के माध्यम से कैसे पहुँच रहे थे हथियार?
जांच में खुलासा हुआ कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से आधुनिक हथियार प्राप्त हो रहे थे।
• हथियारों की बरामदगी: एटीएस ने आरोपियों के पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल और 30 कारतूस बरामद किए।
• सप्लाई चेन: आतंकियों ने स्वीकार किया कि उन्हें हथियार पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के माध्यम से भेजे गए थे, जिसे उन्होंने राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से हासिल किया था।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता थी, जिसने ISKP से जुड़े एक बड़े रासायनिक हमले की साजिश को समय रहते विफल कर दिया।
