News: बिहार के दंपती व बेटे की चेन्नई में हत्या, यौन उत्पीड़न के विरोध पर ले ली जान

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News: बिहार के दंपती व बेटे की चेन्नई में हत्या, यौन उत्पीड़न के विरोध पर ले ली जान: ताजा अपडेट

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News:: मुख्य समाचार और अपडेट

News:: चेन्नई में बिहार के एक प्रवासी मजदूर, उसकी पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यौन उत्पीड़न के विरोध में हत्याएं करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ितों की पहचान बिहार के नालंदा निवासी गौरव कुमार, पत्नी मीनूकुमारी और बेटे बिरमानी कुमार के रूप में हुई है। गौरव, श्रीपेरुम्बुदुर में काम करता था। 25 जनवरी की रात बिहार के कुछ मजदूरों के साथ गौरव ने शराब पी थी। इस दौरान, आरोपियों ने मीनूकुमारी के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। गौरव ने विरोध किया तो गिरोह ने लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। बाद में उसकी पत्नी व बच्चे की भी हत्या कर दी।

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना ऐतिहासिक सुधार : पीके मिश्रा

News:: घटना का पूरा विवरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों को आने की अनुमति देकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से वर्ष 2047 तक देश में परमाणु ऊर्जा से बनने वाली बिजली में वृद्धि की उम्मीद है। इससे देश को लगातार मिलने वाली, भरोसेमंद और बिना प्रदूषण वाली (शून्य-कार्बन) बिजली उपलब्ध होगी।

सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के शीर्ष अधिकारी मिश्रा ने कहा कि हाल के कानूनों के जरिये परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलना ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। इससे ऊर्जा संक्रमण को सीधे देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश से ऊर्जा आयात कम करने से जोड़ा गया है। इससे भारत खुद पर ज्यादा निर्भर बनेगा और उसकी रणनीतिक ताकत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा विकसित भारत के लक्ष्य का अहम हिस्सा है। यह आर्थिक विकास, प्रतिस्पर्धा, समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।

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मिश्रा ने कहा, बड़े और ऊंचे लक्ष्य तभी हासिल होते हैं, जब उन्हें मजबूत संस्थाओं का सहारा मिले, लगातार पैसा मिले और योजनाओं को ठीक से लागू किया जाए। भारत ने 2025 तक 50 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया है और 100 गीगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य भी उम्मीद से पहले पूरा किया है। यह दिखाता है कि सरकार की नीतियां लगातार और भरोसेमंद रही हैं। ऊर्जा में बदलाव तभी लंबे समय तक टिकता है, जब उसका सीधा फायदा आम लोगों तक पहुंचता है।

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