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Meta Description: News News: News Updates: वैश्विक नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ की 19 फरवरी से शुरुआत; नैतिक एआई इस्तेमाल के लिए देशव्यापी अभियान – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।
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News: मुख्य समाचार और अपडेट
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सबसे प्रमुख आयोजन 18 फरवरी को होगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक विशेष नौसैनिक पोत पर सवार होकर समुद्र में कतारबद्ध 60 से अधिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निरीक्षण करेंगी। खास आकर्षण स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत होगा, जो अपने पूर्ण कैरियर बैटल ग्रुप के साथ हिस्सा लेगा। विज्ञापन विज्ञापन
News: घटना का पूरा विवरण
वैश्विक नौसैनिक मिलन अभ्यास 19 फरवरी से
मिलन अभ्यास 19-20 फरवरी को बंदरगाह चरण में और 21-25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण में होगा। इसमें जटिल और गतिशील अभियानों का अभ्यास किया जाएगा। अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान सहित कई देशों के साथ संयुक्त अभ्यास होगा। हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी में 25 तटीय देशों के नौसेना प्रमुख शामिल हैं। समुद्री डकैती, आपदा राहत और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए साझा कार्यप्रणाली पर चर्चा होगी। सबसे प्रमुख आयोजन 18 फरवरी को होगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक विशेष नौसैनिक पोत पर सवार होकर समुद्र में कतारबद्ध 60 से अधिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों का निरीक्षण करेंगी। खास आकर्षण स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत होगा, जो अपने पूर्ण कैरियर बैटल ग्रुप के साथ हिस्सा लेगा।मिलन अभ्यास 19-20 फरवरी को बंदरगाह चरण में और 21-25 फरवरी को बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण में होगा। इसमें जटिल और गतिशील अभियानों का अभ्यास किया जाएगा। अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान सहित कई देशों के साथ संयुक्त अभ्यास होगा। हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी में 25 तटीय देशों के नौसेना प्रमुख शामिल हैं। समुद्री डकैती, आपदा राहत और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए साझा कार्यप्रणाली पर चर्चा होगी। आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम तट रविवार से वैश्विक समुद्री कूटनीति का केंद्र बन गया है। यहां नौसेना के तीन बड़े आयोजन-इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर), मिलन बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) की शुरुआत हो चुकी है। नौसेना के अनुसार भारत सहित 75 देश और कुल 65 नौसेनाएं इन कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं। इसे समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक कूटनीति में भारत के बढ़ते प्रभाव का संकेत माना जा रहा है।
चंद्रयान और आदित्य-एल-1 हमारे प्राचीन वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आधुनिक अभिव्यक्ति : राजनाथ
News: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य-एल1 जैसे भारत के अंतरिक्ष मिशन केवल तकनीकी उपलब्धियां नहीं, बल्कि देश की प्राचीन वैज्ञानिक चेतना की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं। वह यहां ईशा योग केंद्र में आयोजित महाशिवरात्रि समारोह के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि सूर्य और चंद्रमा हमारे लिए सिर्फ खगोलीय पिंड नहीं हैं, बल्कि हमारे पंचांग, व्रत, त्योहार और शुभ मुहूर्त सटीक वैज्ञानिक गणनाओं पर आधारित हैं। जब भारत चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य-एल1 जैसे मिशन लॉन्च करता है, तो यह हमारी उसी प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का आधुनिक रूप है, जिसमें परंपरा और तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल हथियारों और सैन्य ताकत से नहीं आती, बल्कि सशक्त राष्ट्रीय चेतना और आध्यात्मिक आधार से भी जुड़ी है। निडर समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने बताया कि ईशा फाउंडेशन की ओर से पहली बार दिए गए ‘भव्य भारत भूषण’ पुरस्कारों में विज्ञान, कला और संस्कृति के साथ सशस्त्र बलों की वेस्टर्न एयर कमांड, सेना की दक्षिणी कमान और वेस्टर्न नेवल कमांड को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस अवसर पर मौजूद थे।
नैतिक एआई इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए 16 व 17 को देशव्यापी अभियान
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इंडियाएआई मिशन के तहत इंटेल इंडिया के सहयोग से 16 फरवरी से दो दिवसीय मोस्ट प्लेज रिसीव्ड फॉर एन एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन इन 24 ऑवर्स शुरू कर रहा है। इस पहल का मकसद मोस्ट प्लेज रिसीव्ड फॉर एन एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन इन 24 ऑवर्स का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स हासिल करना है। अभियान का लक्ष्य देशभर के नागरिकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक, समावेशी और उत्तरदायी उपयोग के लिए प्रतिबद्ध करना है, जिससे भरोसेमंद और मानवकेंद्रित एआई तंत्र के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को बल मिले। एक संवादात्मक और जागरूकता आधारित अनुभव के रूप में डिजाइन की गई इस पहल में परिदृश्य आधारित सवाल शामिल हैं।
30-34 साल की सेवा में सिर्फ एक पदोन्नति, सीआईएसएफ के 500 निरीक्षकों ने की समीक्षा की मांग
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 500 से अधिक निरीक्षकों ने पदोन्नति में लंबे समय से हो रहे ठहराव को लेकर बल मुख्यालय से न्यायसंगत और समयबद्ध कैडर समीक्षा की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें 30 से 34 वर्षों की सेवा में केवल एक ही पदोन्नति मिलती है, जिससे उनके कैरियर में ठहराव की स्थिति बन गई है। इन निरीक्षकों ने 2 फरवरी को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है, जिसमें सीआईएसएफ की कैडर समीक्षा तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वे उपनिरीक्षक के रूप में भर्ती होते हैं और निरीक्षक पद तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन इसके बाद सहायक कमांडेंट (ग्रुप ‘ए’ गजटेड रैंक) तक पदोन्नति में भारी देरी होती है। सीआईएसएफ में इस समय करीब 3,000 निरीक्षक और लगभग 17,000 उपनिरीक्षक हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि पदोन्नति कोटा में व्यवस्थित कमी, अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तुलना में रैंक असमानता और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में कमी के कारण स्थिति गंभीर हुई है। निरीक्षकों ने कहा, अन्य बलों के अधिकारी उच्च पदों तक पहुंच जाते हैं।
संसद परिसर में लावारिस कुत्ता लाने पर कांग्रेस सासंद रेणुका को विशेषाधिकार हनन नोटिस
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी को संसद परिसर में लवारिस कुत्ता लाने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति ने दो भाजपा सांसदों की शिकायत पर विचार शुरू कर दिया है और उनसे 23 फरवरी तक जवाब मांगा है। यह शिकायत भाजपा सांसद बृज लाल और इंदु बाला गोस्वामी ने नियम 188 के तहत दी थी। आरोप है कि 1 दिसंबर को शीतकालीन सत्र के दौरान कुत्ता लाने पर आपत्ति जताने वाले सदस्यों के बारे में कांग्रेस सांसद रेणुका ने कहा था कि काटने वाले तो संसद के अंदर बैठे हैं, कुत्ते नहीं। भाजपा सांसदों ने अपनी शिकायत में कहा कि रेणुका की यह टिप्पणी सांसदों की गरिमा के खिलाफ है और इससे संसद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया। कांग्रेस नेता रेणुका के कार्यालय ने कहा कि वे संविधान और संसदीय नियमों के तहत उचित जवाब देंगी।
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