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Parliament Budget Session Live: ‘वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे’, नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर उठाए सवाल

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By josephben1999gd@gmail.com 20 Min Read
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Parliament Budget Session Live: 'वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे', नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर उठाए सवाल: ताजा अपडेट

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Meta Description: Parliament News: Parliament Budget Session Live: ‘वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे’, नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर उठाए सवाल – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

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Parliament: मुख्य समाचार और अपडेट

Parliament: 11:58 AM, 09-Mar-2026 विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना- जेपी नड्डा भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।

जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है। भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है।

Parliament: घटना का पूरा विवरण

11:55 AM, 09-Mar-2026 पश्चिम एशिया की अस्थिरता से भारत पर असर, 1 करोड़ भारतीय प्रभावित-खरगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते जियो-राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55% हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं। उनके बयान के दौरान सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते जियो-राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55% हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है।उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं। उनके बयान के दौरान सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।

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11:53 AM, 09-Mar-2026 पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर किया प्रदर्शन पश्चिम एशिया संकट को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

Parliament: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

#WATCH | Delhi | Opposition MPs, including LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi and LoP, Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge, protest at Makar Dwar in Parliament on the West Asia conflict issue pic.twitter.com/zlCcykUhFa — ANI (@ANI) March 9, 2026 पश्चिम एशिया संकट को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

11:45 AM, 09-Mar-2026 IRIS Lavan पर भी बोले जयशंकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क साधना स्पष्ट तौर पर कठिन है। उस स्थिति के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि पोर्ट में डॉक होने की अनुमति दी एक मानवीय कार्रवाई के रूप में, जिसे ईरान ने सराहा है।

जयशंकर ने बताया कि भारत ने जहाज को तकनीकी सहायता और सुरक्षित ठहराव के लिए कोच्चि पोर्ट में डॉक करने की मंजूरी दी थी और इसका स्वागत ईरानी अधिकारियों ने दोस्ताना संबंधों की मिसाल के तौर पर किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क साधना स्पष्ट तौर पर कठिन है। उस स्थिति के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि पोर्ट में डॉक होने की अनुमति दी एक मानवीय कार्रवाई के रूप में, जिसे ईरान ने सराहा है।जयशंकर ने बताया कि भारत ने जहाज को तकनीकी सहायता और सुरक्षित ठहराव के लिए कोच्चि पोर्ट में डॉक करने की मंजूरी दी थी और इसका स्वागत ईरानी अधिकारियों ने दोस्ताना संबंधों की मिसाल के तौर पर किया है।

11:40 AM, 09-Mar-2026 ‘भारतीयों की सुरक्षा के लिए जारी की गई कई बार चेतावनी’ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई चेतावनी और सलाह जारी की गई हैं। जयशंकर ने बताया 14 जनवरी को दूसरी चेतावनी जारी की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों से यात्रा से बचने की सलाह और भी सख्त शब्दों में दी गई। इसी दिन मुंबई के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए अपनी चेतावनी जारी की और उन्हें दूतावास की सलाह का पालन करने तथा जहाजों की अनावश्यक गतिविधियों से बचने का निर्देश दिया। भर्ती और शिपिंग कंपनियों से कहा गया कि वे भारतीय समुद्री कर्मियों को ईरान भेजने या नियुक्त न करें।

उन्होंने आगे बताया हमारी स्थिति का आकलन करते हुए भारतीय दूतावास, तेहरान ने 14 फरवरी को एक और सलाह जारी की, जिसमें भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से ईरान छोड़ने के लिए सभी उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करने और किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया गया। 24×7 मदद भी उपलब्ध कराई गई। यह सलाह 23 फरवरी को एक बार फिर सख्त शब्दों में दोहराई गई। कई लोग इन चेतावनियों का पालन कर देश छोड़ चुके हैं, लेकिन कई अन्य अभी भी ईरान और इराक में हैं। हम अपने मछुआरों के संपर्क में भी हैं, जो इराक से काम कर रहे हैं। यह स्थिति 28 फरवरी 2020 तक बनी रही। कल तक लगभग 67,000 हमारे नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर सुरक्षित लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई चेतावनी और सलाह जारी की गई हैं। जयशंकर ने बताया 14 जनवरी को दूसरी चेतावनी जारी की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों से यात्रा से बचने की सलाह और भी सख्त शब्दों में दी गई। इसी दिन मुंबई के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए अपनी चेतावनी जारी की और उन्हें दूतावास की सलाह का पालन करने तथा जहाजों की अनावश्यक गतिविधियों से बचने का निर्देश दिया। भर्ती और शिपिंग कंपनियों से कहा गया कि वे भारतीय समुद्री कर्मियों को ईरान भेजने या नियुक्त न करें।उन्होंने आगे बताया हमारी स्थिति का आकलन करते हुए भारतीय दूतावास, तेहरान ने 14 फरवरी को एक और सलाह जारी की, जिसमें भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से ईरान छोड़ने के लिए सभी उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करने और किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया गया। 24×7 मदद भी उपलब्ध कराई गई। यह सलाह 23 फरवरी को एक बार फिर सख्त शब्दों में दोहराई गई। कई लोग इन चेतावनियों का पालन कर देश छोड़ चुके हैं, लेकिन कई अन्य अभी भी ईरान और इराक में हैं। हम अपने मछुआरों के संपर्क में भी हैं, जो इराक से काम कर रहे हैं। यह स्थिति 28 फरवरी 2020 तक बनी रही। कल तक लगभग 67,000 हमारे नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर सुरक्षित लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

11:33 AM, 09-Mar-2026 ‘भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि’ विदेश मंत्री ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति गंभीर है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इस संघर्ष ने अन्य देशों में भी तबाही और आतंक फैला दिया है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, कुछ जगहों पर पूरी तरह ठप हो गई हैं।

VIDEO | Delhi: External Affairs Minister S. Jaishankar (@DrSJaishankar) addresses the Rajya Sabha on the West Asia conflict, saying, “The conflict has continued to intensify and the security situation in the region has deteriorated significantly. We have noted that, in fact, the… pic.twitter.com/UKlv4LmWhM — Press Trust of India (@PTI_News) March 9, 2026

जयशंकर ने बताया कि इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। बैठक में ईरान पर हवाई हमले और खाड़ी के कई देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्री ने कहा “सरकार संघर्ष के शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति का निरंतर मूल्यांकन कर रही है। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए।” विदेश मंत्री ने सदन से यह भी साझा किया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है। विदेश मंत्री ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति गंभीर है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इस संघर्ष ने अन्य देशों में भी तबाही और आतंक फैला दिया है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, कुछ जगहों पर पूरी तरह ठप हो गई हैं।जयशंकर ने बताया कि इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। बैठक में ईरान पर हवाई हमले और खाड़ी के कई देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्री ने कहा “सरकार संघर्ष के शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति का निरंतर मूल्यांकन कर रही है। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए।” विदेश मंत्री ने सदन से यह भी साझा किया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।

11:25 AM, 09-Mar-2026 ‘ पीएम लगातार पश्चिम एशिया की स्थिति पर कर रहे निगरानी’ विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए कहा प्रधानमंत्री लगातार उभरती घटनाओं पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। जयशंकर ने सदन को भरोसा दिलाया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय घटनाओं पर सतर्क प्रतिक्रिया देने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।

VIDEO | Delhi: External Affairs Minister S Jaishankar (@DrSJaishankar) addresses the Rajya Sabha on the West Asia conflict, saying, “Minister, I rise to apprise this house, this August house, of recent developments in West Asia that are a cause of deep concern to all of us. As… pic.twitter.com/Bb1VJ8brWL — Press Trust of India (@PTI_News) March 9, 2026

जयशंकर ने सदन से कहा हमने 3 मार्च को फिर से संवाद और कूटनीति की अपील की और संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की आवश्यकता जताई। यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। हमारा यह कर्तव्य है कि हम उनकी सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करें। विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए कहा प्रधानमंत्री लगातार उभरती घटनाओं पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। जयशंकर ने सदन को भरोसा दिलाया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय घटनाओं पर सतर्क प्रतिक्रिया देने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।जयशंकर ने सदन से कहा हमने 3 मार्च को फिर से संवाद और कूटनीति की अपील की और संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की आवश्यकता जताई। यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। हमारा यह कर्तव्य है कि हम उनकी सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करें।

11:16 AM, 09-Mar-2026 पश्चिम एशिया संकट पर गहरी चिंता, संवाद और कूटनीति जरूरी- राज्यसभा में जयशंकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर जब राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देने के लिए उठे, तब विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। विपक्ष ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जयशंकर ने कहा यह सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और इसमें केवल इस्राइल और अमेरिका बनाम ईरान ही नहीं, बल्कि कई खाड़ी देशों पर भी हमले हुए। इस दौरान नेतृत्व स्तर पर ईरान में कई हताहत हुए और क्षेत्र की बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।

जयशंकर ने बताया ‘सरकार ने 28 फरवरी को ही बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। हम मानते हैं और अभी भी मानते हैं कि तनाव कम करने और मूल समस्याओं को हल करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर जब राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देने के लिए उठे, तब विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। विपक्ष ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जयशंकर ने कहा यह सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और इसमें केवल इस्राइल और अमेरिका बनाम ईरान ही नहीं, बल्कि कई खाड़ी देशों पर भी हमले हुए। इस दौरान नेतृत्व स्तर पर ईरान में कई हताहत हुए और क्षेत्र की बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।जयशंकर ने बताया ‘सरकार ने 28 फरवरी को ही बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। हम मानते हैं और अभी भी मानते हैं कि तनाव कम करने और मूल समस्याओं को हल करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।’

11:07 AM, 09-Mar-2026 लोकसभा ने शोक-संदर्भ के बाद कार्रवाई स्थगित लोकसभा ने सदस्यों के निधन पर शोक-संदर्भ प्रस्तुत करने के बाद अपनी बैठक स्थगित कर दी। बैठक का अगला सत्र आज दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होगा। वहीं, राज्यसभा का कामकाज नियमित रूप से जारी है। लोकसभा ने सदस्यों के निधन पर शोक-संदर्भ प्रस्तुत करने के बाद अपनी बैठक स्थगित कर दी। बैठक का अगला सत्र आज दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होगा। वहीं, राज्यसभा का कामकाज नियमित रूप से जारी है।

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