Mann Ki Baat: पीएम मोदी बोले- ‘हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है’; अफवाहों से बचें, लोग संयम बनाए रखें

By josephben1999gd@gmail.com 28 Min Read
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Mann Ki Baat: पीएम मोदी बोले- 'हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है'; अफवाहों से बचें, लोग संयम बनाए रखें: ताजा अपडेट

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Meta Description: Mann News: Mann Ki Baat: पीएम मोदी बोले- ‘हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है’; अफवाहों से बचें, लोग संयम बनाए रखें – जानिए क्या है पूरा मामला और ताजा अपडेट्स।

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Mann: मुख्य समाचार और अपडेट

Mann: 11:29 AM, 29-Mar-2026 ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से साझा किया कि जब समाज स्वयं पहल करता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण सामने आ रहे हैं। मोदी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक प्रेरक प्रयास का जिक्र किया। वहां सिर्फ एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए और इस प्रयास ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस काम की सबसे खास बात यह थी कि हजारों लोग एक साथ जुड़े। छात्र, जवान, स्वयंसेवी संगठन और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर इसे संभव बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह जनभागीदारी का स्वरूप पहले से ही ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में दिखाई देता है। इस अभियान के तहत पूरे देश में करोड़ों पेड़ लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मदद कर रहे हैं।

Mann: घटना का पूरा विवरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से साझा किया कि जब समाज स्वयं पहल करता है, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण सामने आ रहे हैं। मोदी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक प्रेरक प्रयास का जिक्र किया। वहां सिर्फ एक घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए और इस प्रयास ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस काम की सबसे खास बात यह थी कि हजारों लोग एक साथ जुड़े। छात्र, जवान, स्वयंसेवी संगठन और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर इसे संभव बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह जनभागीदारी का स्वरूप पहले से ही ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में दिखाई देता है। इस अभियान के तहत पूरे देश में करोड़ों पेड़ लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मदद कर रहे हैं।

11:27 AM, 29-Mar-2026 जल संरक्षण पर भी दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यह समय जल संरक्षण के संकल्प को दोहराने का है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने देशभर में लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया है। इस अभियान के तहत करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने खुशी व्यक्त की कि अब गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर जल संकट से निपटने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कई स्थानों पर पुराने तालाबों की सफाई की जा रही है और बरसात के पानी को सहेजने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मोदी ने बताया कि अमृत सरोवर अभियान के तहत देशभर में लगभग 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है, जिससे जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।

Mann: निष्कर्ष और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में स्थित वांगमुन गाँव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है और कभी पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा था। गर्मियों में गाँव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे।प्रधानमंत्री ने बताया कि गाँव वालों ने बारिश के पानी को सहेजने का संकल्प लिया। आज लगभग हर घर में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हो गया है और यह गाँव अब जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन चुका है। मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों ने छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को खेतों में संरक्षित किया। इससे पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर चला गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज इस मॉडल को 1200 से अधिक किसान अपना चुके हैं और क्षेत्र का ग्राउंड वॉटर लेवल काफी बेहतर हो गया है। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गाँव का उदाहरण भी साझा किया। गाँव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढे बनाए और पानी संरक्षण का एक जन-आंदोलन खड़ा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से जल संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और यह समय जल संरक्षण के संकल्प को दोहराने का है। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ‘जल संचय अभियान’ ने देशभर में लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया है। इस अभियान के तहत करीब 50 लाख कृत्रिम जल संचयन संरचना बनाए गए हैं।प्रधानमंत्री ने खुशी व्यक्त की कि अब गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर जल संकट से निपटने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कई स्थानों पर पुराने तालाबों की सफाई की जा रही है और बरसात के पानी को सहेजने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मोदी ने बताया कि अमृत सरोवर अभियान के तहत देशभर में लगभग 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं। बारिश का मौसम आने से पहले इन सरोवरों की साफ-सफाई भी शुरू हो गई है, जिससे जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।मोदी ने कहा कि त्रिपुरा की जंपुई पहाड़ियों में स्थित वांगमुन गाँव 3000 फीट की ऊंचाई पर बसा है और कभी पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा था। गर्मियों में गाँव के लोग पानी के लिए लंबी दूरी तय करते थे।प्रधानमंत्री ने बताया कि गाँव वालों ने बारिश के पानी को सहेजने का संकल्प लिया। आज लगभग हर घर में रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हो गया है और यह गाँव अब जल संरक्षण की प्रेरक मिसाल बन चुका है। मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में किसानों ने छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को खेतों में संरक्षित किया। इससे पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर चला गया। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज इस मॉडल को 1200 से अधिक किसान अपना चुके हैं और क्षेत्र का ग्राउंड वॉटर लेवल काफी बेहतर हो गया है। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के मंचेरियाल जिले के मुधिगुंटा गाँव का उदाहरण भी साझा किया। गाँव के 400 परिवारों ने अपने घरों में सोख गड्ढे बनाए और पानी संरक्षण का एक जन-आंदोलन खड़ा किया।

11:23 AM, 29-Mar-2026 शुगर और तेल की मात्रा पर रखें नियंत्रण- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 100 दिन से भी कम समय में आने वाला है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस जी अपने अरविंद योग सेंटर के माध्यम से योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे वहां के कई और स्थानों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।

मोदी ने सोशल मीडिया से जुड़े उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ की पोस्ट पर उनके पिता के शुगर सेवन को कम करने के अनुरोध पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी। इससे उनके पिता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भी आग्रह किया कि वे शुगर का सेवन कम करें और खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती करें। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे कदम हमारे स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 100 दिन से भी कम समय में आने वाला है और पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस जी अपने अरविंद योग सेंटर के माध्यम से योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे वहां के कई और स्थानों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हैं।मोदी ने सोशल मीडिया से जुड़े उदाहरण भी साझा किए। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर युवराज दुआ की पोस्ट पर उनके पिता के शुगर सेवन को कम करने के अनुरोध पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी। इससे उनके पिता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भी आग्रह किया कि वे शुगर का सेवन कम करें और खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती करें। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे कदम हमारे स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

11:20 AM, 29-Mar-2026 पीएम मोदी ने दी बधाई: जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने 7 दशकों बाद जीती रणजी ट्रॉफी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को क्रिकेट के मैदान से जुड़ी हालिया उपलब्धियों पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह महीना देशभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा है। भारत ने T20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।

पिछले महीने कर्नाटक के हुबली में हुए रोमांचक मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी अपने नाम की। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह टीम करीब 7 दशकों के इंतजार के बाद अपना पहला रणजी खिताब जीतने में सफल रही। टीम के कप्तान पारस डोगरा ने अपने नेतृत्व और कौशल से इस जीत में अहम योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने इस सफलता को खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम बताया।

इस रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज आकिब नबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 विकेट लिए। इस जीत ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और पूरे राज्य के लोगों में गर्व और उत्साह बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सफलता युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी और जम्मू-कश्मीर को बड़े खेल आयोजनों का केंद्र बनाने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा खेलों के प्रति गहरा उत्साह रखते हैं। गुलमर्ग, खेलो इंडिया विंटर गेम्स के लिए पहले ही प्रसिद्ध हो चुका है। साथ ही, यहां फुटबॉल और अन्य खेलों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। मोदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों की जीत का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को क्रिकेट के मैदान से जुड़ी हालिया उपलब्धियों पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह महीना देशभर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा है। भारत ने T20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई।पिछले महीने कर्नाटक के हुबली में हुए रोमांचक मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम ने रणजी ट्रॉफी अपने नाम की। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह टीम करीब 7 दशकों के इंतजार के बाद अपना पहला रणजी खिताब जीतने में सफल रही। टीम के कप्तान पारस डोगरा ने अपने नेतृत्व और कौशल से इस जीत में अहम योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने इस सफलता को खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम बताया।इस रणजी सीजन में जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज आकिब नबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 विकेट लिए। इस जीत ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और पूरे राज्य के लोगों में गर्व और उत्साह बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सफलता युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी और जम्मू-कश्मीर को बड़े खेल आयोजनों का केंद्र बनाने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा खेलों के प्रति गहरा उत्साह रखते हैं। गुलमर्ग, खेलो इंडिया विंटर गेम्स के लिए पहले ही प्रसिद्ध हो चुका है। साथ ही, यहां फुटबॉल और अन्य खेलों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। मोदी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों की जीत का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

11:14 AM, 29-Mar-2026 ‘देश का युवा राष्ट्र निर्माण में करेगा नई क्रांति’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। उन्होंने बताया कि जब देश के युवाओं की शक्ति राष्ट्र निर्माण में जुड़ती है, तो इससे देश को बहुत बड़ी मदद मिलती है। इस दिशा में MY Bharat संगठन युवा पीढ़ी को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री ने MY Bharat द्वारा आयोजित Budget Quest का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को बजट प्रक्रिया और नीति निर्माण से जोड़ना था। इस क्विज़ में देशभर से लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद करीब 1,60,000 प्रतिभागियों को निबंध प्रतियोगिता के लिए चुना गया। पीएम मोदी ने इनमें से कुछ निबंध पढ़ने का भी अनुभव साझा किया।

युवाओं के विचार: कृषि, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण

प्रधानमंत्री ने कुछ प्रतिभागियों के विचारों का उल्लेख किया:- कोटला रघुवीर रेड्डी (सूर्यापेट, तेलंगाना), सौरभ बैसवार (बाराबंकी, उत्तर प्रदेश), सुमित कुमार (गोपालगंज, बिहार): किसान कल्याण से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए।

आंचल (मोहाली, पंजाब) और ओम प्रकाश रथ (केंद्रपाड़ा, ओडिशा): महिला नेतृत्व वाले विकास (Women-led Development) को बढ़ावा देने के तरीके बताए।

प्रथम बरार (यमुनानगर, हरियाणा): लिखा कि Green और Clean Bharat ही समृद्ध भारत का मार्ग है।

शंख गुप्ता (दिल्ली): ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए और अधिक प्रयास होने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। उन्होंने बताया कि जब देश के युवाओं की शक्ति राष्ट्र निर्माण में जुड़ती है, तो इससे देश को बहुत बड़ी मदद मिलती है। इस दिशा में MY Bharat संगठन युवा पीढ़ी को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री ने MY Bharat द्वारा आयोजित Budget Quest का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को बजट प्रक्रिया और नीति निर्माण से जोड़ना था। इस क्विज़ में देशभर से लगभग 12 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद करीब 1,60,000 प्रतिभागियों को निबंध प्रतियोगिता के लिए चुना गया। पीएम मोदी ने इनमें से कुछ निबंध पढ़ने का भी अनुभव साझा किया।प्रधानमंत्री ने कुछ प्रतिभागियों के विचारों का उल्लेख किया:-

11:10 AM, 29-Mar-2026 पांडुलिपियों की जानकारी पर बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा आज ‘मन की बात’ में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है – ज्ञान भारतम सर्वे, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों यानि पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम, ज्ञान भारतम ऐप है आपके पास अगर कोई पांडुलिपियों है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो ‘ज्ञान भारतम एप’ पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि अब तक हजारों पांडुलिपियों पांडुलिपि लोगों ने शेयर की हैं।

उदाहरण के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियाँ साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं। यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है। कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्ते पर लिखी पांडुलिपियाँ दी हैं। राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने ताम्रपत्रों पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियाँ share की हैं। वहीं, लद्दाख की हामिस मोनेस्ट्री ने तिब्बती में बहुमूल्य पांडुलिपियों के बारे में जानकारी दी है। यहाँ पर मैंने कुछ ही उदाहरण दिए हैं। यह सर्वे, जून के मध्य तक जारी रहने वाला है । आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपनी संस्कृति से जुड़े पहलुओं को सामने लाएं और शेयर करें । पीएम मोदी ने कहा आज ‘मन की बात’ में एक ऐसे प्रयास के बारे में बताना चाहता हूं, जो देशवासियों की जनभागीदारी की भावना को दर्शाता है। ये प्रयास है – ज्ञान भारतम सर्वे, जिसका संबंध हमारी महान संस्कृति और समृद्ध विरासत से है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों यानि पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम, ज्ञान भारतम ऐप है आपके पास अगर कोई पांडुलिपियों है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो ‘ज्ञान भारतम एप’ पर जरूर साझा करें। हर एंट्री से जुड़ी जानकारी को दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि भी की जा रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि अब तक हजारों पांडुलिपियों पांडुलिपि लोगों ने शेयर की हैं।उदाहरण के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियाँ साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं। यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है। कुछ संस्थाओं ने ताड़ के पत्ते पर लिखी पांडुलिपियाँ दी हैं। राजस्थान के अभय जैन ग्रंथालय ने ताम्रपत्रों पर लिखी बहुत पुरानी पांडुलिपियाँ share की हैं। वहीं, लद्दाख की हामिस मोनेस्ट्री ने तिब्बती में बहुमूल्य पांडुलिपियों के बारे में जानकारी दी है। यहाँ पर मैंने कुछ ही उदाहरण दिए हैं। यह सर्वे, जून के मध्य तक जारी रहने वाला है । आप सभी से मेरा आग्रह है कि अपनी संस्कृति से जुड़े पहलुओं को सामने लाएं और शेयर करें ।

11:09 AM, 29-Mar-2026 दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट पीएम मोदी ने आगे कहा जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज ‘मन की बात’ के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।

पीएम ने कहा “मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।” पीएम मोदी ने आगे कहा जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है।उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज ‘मन की बात’ के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।पीएम ने कहा “मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।”

11:06 AM, 29-Mar-2026 हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं।

11:03 AM, 29-Mar-2026 मन की बात का कार्यक्रम शुरू पीएम मोदी ने मन की बात शुरू करते हुए कहा ‘मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है । हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था।’ उन्होंने कहा कि हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी | लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियाँ बनती चली गईं। पीएम मोदी ने मन की बात शुरू करते हुए कहा ‘मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है । हम सबको याद है कि पूरा विश्व भूतकाल में कोविड के कारण एक लंबे समय तक अनेक समस्याओं से गुजरा था।’ उन्होंने कहा कि हम सभी की अपेक्षा थी कि कोरोना के संकट से निकलने के बाद दुनिया नए सिरे से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगी | लेकिन, दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार युद्ध और संघर्ष की परिस्थितियाँ बनती चली गईं।

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