PM Modi At 28th CSPOC: 42 देशों के संसदीय पदाधिकारियों के सम्मेलन में बोले पीएम- हमारे लोकतंत्र की बुनियाद ठोस

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PM Modi At 28th CSPOC: 42 देशों के संसदीय पदाधिकारियों के सम्मेलन में बोले पीएम- हमारे लोकतंत्र की बुनियाद ठोस: ताजा अपडेट

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PM Modi: मुख्य समाचार और अपडेट

PM Modi: कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका बेहद खास होती है। दिलचस्प बात यह है कि स्पीकर खुद ज्यादा बोलते नहीं हैं। उनका मुख्य काम होता है सदस्यों की बातें सुनना और यह सुनिश्चित करना कि हर किसी को बोलने का मौका मिले। स्पीकरों की सबसे बड़ी खासियत धैर्य है। वे सबसे शोरगुल करने वाले या उत्साही सदस्यों को भी सहनशीलता और मुस्कान के साथ संभालते हैं। संसदीय व्यवस्था में स्पीकर का काम केवल अध्यक्षता करना नहीं, बल्कि सभी सदस्यों के लिए निष्पक्ष और संतुलित माहौल बनाना भी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय “संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी” है।पीएम ने कहा भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है। वेद लगभग 5000 साल पुराने हैं। निर्णय लेने से पहले विषयों के हर पहलू पर गहराई से मंथन और विचार-विमर्श होता है। फैसले लेने से पहले आम सहमति बनाने की कोशिश और मतदान होते हैं। जब भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की, तो कई लोगों को शक था कि इतनी विशाल विविधता के बीच लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। लेकिन यही विविधता भारतीय लोकतंत्र की ताकत बन गई। यह भी संदेह था कि अगर लोकतंत्र जड़ पकड़ भी ले, तो भारत को विकास में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इन सभी शंकाओं के विपरीत, भारत ने यह साबित किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और प्रक्रियाएं विकास में स्थिरता, पैमाना और गति प्रदान करती हैं।उन्होंने कहा कि आज, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। भारत में विकसित UPI दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता भी है और वैश्विक स्तर पर इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। भारत ने विविधता को लोकतंत्र की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं लोकतंत्र को स्थिरता, गति और पैमाना तीनों प्रदान करती हैं।

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